-प्रश्न-1 (A) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दो-तीन वाक्यों में दीजिए : (किन्हीं चार)
1. हामिद के चिमटा खरीदने पर अन्य साथियों की प्रतिक्रिया:
हामिद के हाथ में चिमटा देखकर उसके मित्रों (मोहसिन, महमूद और नूरे) ने पहले तो उसका उपहास उड़ाया कि लोहे का चिमटा भी कोई खिलौना होता है। परंतु जब हामिद ने चिमटे की मजबूती और उपयोगिता सिद्ध करते हुए उसे 'रुस्तमे-हिंद' और बहादुर शेर बताया, तो सभी साथी अत्यंत प्रभावित हो गए और अपने कीमती खिलौने देकर बारी-बारी से हामिद का चिमटा हाथ में लेकर देखने लगे।
2. सुनीता विलियम्स की तैयारी और कड़ा प्रशिक्षण:
सुनीता विलियम्स ने अंतरिक्ष यात्रा की पात्रता हेतु नासा में आठ वर्षों तक अत्यधिक कठिन प्रशिक्षण प्राप्त किया। उन्होंने भारहीनता के अभ्यास और स्पेसवॉक की तैयारी के लिए लगातार नौ दिनों तक पानी के भीतर रहने का अभ्यास किया, रूस जाकर अंतरिक्ष कार्यक्रमों का अध्ययन किया तथा जटिल तकनीकी व्याख्यानों के माध्यम से स्वयं को हर संभावित खतरे के लिए तैयार किया।
3. पुरुवंश के राजाओं की जीवनशैली की दो रीतियाँ:
राजा दुष्यंत के अनुसार, पुरुवंशियों की पहली रीति यह थी कि वे युवावस्था में महलों में रहकर प्रजा का पालन-पोषण और पृथ्वी की रक्षा करते थे। दूसरी रीति यह थी कि वृद्धावस्था आने पर वे जितेंद्रिय मुनियों के आश्रम में जाकर वृक्षों के नीचे कुटिया बनाकर तपस्यापूर्ण जीवन व्यतीत करते थे।
4. 2020 तक विकसित राष्ट्र बनाने में युवाओं की भूमिका:
डॉ. कलाम के अनुसार, भारत में 25 वर्ष से कम आयु वाले 54 करोड़ युवा देश की सबसे बड़ी राष्ट्रीय पूंजी और शक्ति हैं। यदि ये करोड़ों युवा अपने जीवन का एक महान लक्ष्य निर्धारित करें, निरंतर ज्ञानार्जन करें, कठिनाइयों से हार न मानकर जी-तोड़ परिश्रम करें और वैचारिक एकता बनाए रखें, तो भारत निश्चित रूप से एक विकसित राष्ट्र बन सकता है।
5.ममता द्वारा स्वर्ण-थाल अस्वीकार करने का कारण:
ममता एक धर्मपरायण, संतोषी और स्वाभिमानी ब्राह्मणी थी। उसके पिता चूड़ामणि शेरशाह से उत्कोच (घूस) के रूप में स्वर्ण-थाल लाए थे। ममता का मानना था कि ईश्वर की इच्छा के विरुद्ध विपत्ति के लिए परधर्मी आक्रांताओं से घूस लेना अधर्म है; ब्राह्मण के लिए भगवान के दिए दो मुट्ठी अन्न से बढ़कर कोई संपत्ति नहीं हो सकती।
प्रश्न-1 (B) सही विकल्प चुनकर उत्तर दीजिए :
1. (ख) वकील
2. (क) माँ सरस्वती
3. (ख) 194 दिन 18 घंटे 58 मिनट
4. (ग) साँप
5. (ख) हुमायूँ
प्रश्न-2 (A) निम्नलिखित काव्य पंक्तियों का भावार्थ लिखिए :
काव्य पंक्ति:
"डाल-डाल पर बैठ विहग कुछ, नये स्वरों में गाते हैं।..."
भावार्थ:
कवि कहते हैं कि स्वतंत्रता के इस स्वर्णिम प्रभात में प्रकृति उल्लसित है; वृक्षों की डालियों पर बैठे पक्षी नए-नए मधुर स्वरों में कलरव कर रहे हैं और भौंरे मस्ती में गुनगुनाते हुए मँडरा रहे हैं। हे स्वतंत्र भारत के अमर सपूतों! तुम भी प्रकृति से नई प्रेरणा लेकर इस नए युग की वीणा में नया राग और नया गान भरो तथा राष्ट्र के नवयुग के निर्माण में अपना सक्रिय योगदान दो।
(अथवा)
काव्य पंक्ति:
"वर्ण-वर्ण के फूल खिले थे, झलमल कर हिम-बिंदु झिले थे..."
भावार्थ:
यशोधरा अपने पुत्र राहुल को सिद्धार्थ के उपवन-भ्रमण का प्रसंग सुनाते हुए कहती हैं कि प्रातःकाल उपवन में रंग-बिरंगे फूल खिले हुए थे, उन पर ओस की बूँदें मोतियों की तरह चमक रही थीं और मंद-शीतल वायु के चलने से सरोवर का निर्मल जल आनंद से हिलोरें ले रहा था।
प्रश्न-2 (B) काव्य पंक्ति के आधार पर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए :
1. सभी का है तू, सभी तेरे, खुदा मेरे, तू बख्शीश कर।
2. कली-कली खिल रही इधर, वह फूल-फूल मुस्काया है।
3. नूतन मंगलमय ध्वनियों से, गुंजित जग-उद्यान करो।
4. सहसा एक हंस ऊपर से गिरा, बिद्ध होकर खग-शर से।
5. तू चाहे तो हमें रखे, तू चाहे तो हमें मारे, तेरे आगे झुका के सर, खड़े हैं आज हम सारे।
प्रश्न-3 निम्नलिखित परिच्छेद को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
1. कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार एक अच्छा जंगल 'जैविक भंडार घर' कहलाता है।
2. वनों को अंधाधुंध काटने से वे बहुमूल्य और दुर्लभ वनस्पतियाँ नष्ट हो जाती हैं, जिनका उपयोग भविष्य में जीवनरक्षक औषधियों और मानवोपयोगी वस्तुओं के निर्माण में हो सकता है।
3. वनों में हज़ारों प्रजातियों के पेड़-पौधे और प्राकृतिक औषधीय वनस्पतियाँ पाई जाती हैं।
4. परिच्छेद में 'पेड़' का पर्यायवाची शब्द: पौधा / वनस्पति।
5. उचित शीर्षक: वनों का महत्त्व / जंगल : जैविक भंडार घर।
प्रश्न-4 निम्नलिखित शब्दों के लिंग परिवर्तन करके वाक्यों में प्रयोग कीजिए :
1. अभिनेता- अभिनेत्री
वाक्य प्रयोग: इस ऐतिहासिक नाटक में मुख्य नायिका का अभिनय एक प्रसिद्ध अभिनेत्री ने किया।
2. गायक - गायिका
वाक्य प्रयोग:मंच पर सुरीली गायिका ने देशभक्ति का सुंदर गीत प्रस्तुत किया।
3. हाथी - हथिनी
वाक्य प्रयोग: जंगल के जल-स्रोत पर हथिनी अपने नन्हें बच्चे के साथ पानी पी रही थी।
4. धोबी- धोबिन
वाक्य प्रयोग: धोबिन स्वच्छ कपड़े समेटकर टोकरी में रख रही है।
-प्रश्न-5 (A) सही विकल्प चुनकर उत्तर दीजिए : (संज्ञा)
1. (ग) सोना (द्रव्यवाचक संज्ञा)
2. (क) समूहवाचक संज्ञा
प्रश्न-5 (B) सही विकल्प चुनकर उत्तर दीजिए : (सर्वनाम)
1. (क) जिसने
2. (ख) निजवाचक सर्वनाम
प्रश्न-5 (C) सही विकल्प चुनकर उत्तर दीजिए : (विशेषण)
1. (ग) सर्वोच्च तुलना (विशेषण की उत्तमावस्था)
प्रश्न-6 रूपरेखा के आधार पर कहानी लेखन :
शीर्षक: सच्ची माँ का न्याय
किसी नगर में दो स्त्रियाँ एक ही घर में रहती थीं। दोनों के यहाँ एक ही समय शिशु का जन्म हुआ, परंतु दुर्भाग्यवश एक स्त्री का बालक असमय काल-कवलित हो गया। ईर्ष्या और पुत्र-मोह में अंधी होकर उस स्त्री ने दूसरी स्त्री के जीवित बालक को अपना बताकर उस पर दावा ठोक दिया। दोनों के बीच विवाद इतना विकराल हो गया कि नगर के न्यायाधीश के समक्ष यह मामला पहुँचा।
दरबार में दोनों स्त्रियों ने उस बालक को अपना पुत्र सिद्ध करने के लिए अनेक दलीलें दीं। कोई गवाह या ठोस प्रमाण न होने के कारण न्यायाधीश कुछ समय के लिए धर्मसंकट में पड़ गए। वास्तविक सत्य का पता लगाने के लिए चतुर न्यायाधीश ने एक युक्ति सोची। उन्होंने तलवार मंगवाई और आदेश दिया, "चूँकि इस बालक पर दोनों का समान दावा है और सत्य स्पष्ट नहीं हो रहा, अतः इस बालक को बीच से काटकर दो बराबर टुकड़ों में बाँट दिया जाए और एक-एक टुकड़ा दोनों को सौंप दिया जाए।"
यह सुनते ही झूठी स्त्री शांतिपूर्वक चुप रही और फैसले को स्वीकार कर लिया। परंतु उस बालक की जन्मदात्री असली माँ चीत्कार कर उठी और रोते हुए न्यायाधीश के चरणों में गिर पड़ी। उसने काँपते हुए स्वर में कहा, "महाराज! ईश्वर के लिए इस बालक के टुकड़े मत कीजिए। मैं अपना दावा छोड़ती हूँ; आप इसे जीवित ही इस स्त्री को दे दीजिए ताकि मेरा बच्चा जीवित तो रहे!"
न्यायाधीश को निर्णय लेने में एक पल का भी विलंब नहीं हुआ। उन्होंने स्पष्ट देख लिया कि अपने प्राणों से अधिक बच्चे के जीवन की चिंता केवल सच्ची माँ ही कर सकती है। उन्होंने रोती हुई असली माँ को उसका बालक सकुशल सौंप दिया और झूठी स्त्री को कारावास का कठोर दंड दिया।
**सीख:** सत्य कभी पराजित नहीं होता और माँ के पवित्र वात्सल्य का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं हो सकता।
प्रश्न-7 नीचे दी गई परिस्थिति में आप क्या करेंगे? इसके बारे में विस्तार से लिखिए :
परिस्थिति: यदि मेले में मित्र के पैसे खो जाएँ या चोरी हो जाएँ
यदि मेले की भीड़ में मेरे मित्र के पैसे खो जाते हैं या चोरी हो जाते हैं, तो सर्वप्रथम मैं उसे ढाढ़स बंधाऊँगा और शांत रहने को कहूँगा ताकि वह घबराकर कोई गलत निर्णय न ले। इसके उपरांत:
* मेरे पास जितने भी पैसे उपलब्ध होंगे, उन्हें मैं तुरंत अपने मित्र के साथ साझा करूँगा और स्पष्ट करूँगा कि यह उत्सव हम दोनों का साझा है।
* मेले में जो भी आवश्यक खान-पान अथवा आवश्यक वस्तुएँ लेनी होंगी, हम मिलकर आनंद लेंगे।
* सबसे पहले मैं उसके घर लौटने के बस अथवा रिक्शा के किराए की सुरक्षित व्यवस्था अलग निकाल कर रखूँगा ताकि उसे घर पहुँचने में कोई असुविधा न हो।
* यदि स्थिति उचित लगे तो मेले के सहायता केंद्र या पुलिस चौकी पर जाकर इसकी सूचना दर्ज कराएँगे।
सच्ची मित्रता की पहचान विपत्ति के क्षणों में ही होती है, अतः मैं पूरा ध्यान रखूँगा कि मेरे मित्र का उत्साह तनिक भी कम न हो।
प्रश्न-8 नीचे दिए गए अपूर्ण काव्य को पूर्ण कीजिए :
मेरी प्यारी-प्यारी गाय,
घर की राज दुलारी गाय।
हरी-हरी वह घास चबाती,
अमृत जैसा दूध बहाती।
माथे पर चंदन का टीका,
उसके आगे सब कुछ फीका।
घर-आँगन महकाती गाय,
सबको सुख पहुँचाती गाय॥
प्रश्न-9 (A) निम्नलिखित शब्दों में से अव्यय (अविकारी शब्द) पहचानकर लिखिए :
1. अहा! (विस्मयादिबोधक अव्यय)
2. तेज़ (क्रियाविशेषण अव्यय)
प्रश्न-9 (B) कोष्ठक में दिए गए सही अव्यय शब्द से रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए :
1. कछुआ धीरे-धीरे अपनी मंजिल की ओर बढ़ता रहा।
2. ज्ञान तथा सदाचार मनुष्य के सच्चे आभूषण हैं।
3. आकाश में पक्षी बहुत ऊपर उड़ रहे हैं।
प्रश्न-10 (A) निम्नलिखित शब्द का समानार्थी शब्द देकर वाक्य में प्रयोग कीजिए :
1. बख्शीश = उपहार / क्षमा / भेंट
वाक्य प्रयोग: राजा ने निर्धन बालक की ईमानदारी से प्रसन्न होकर उसे सोने की मोहरें बख्शीश में दीं।
2. सुमन = फूल / पुष्प
वाक्य प्रयोग:वसंत ऋतु के आगमन पर उपवन में भाँति-भाँति के सुगंधित सुमन महक उठे।
प्रश्न-10 (B) निम्नलिखित शब्द का विरोधी (विलोम) शब्द देकर वाक्य में प्रयोग कीजिए :
1. अंधकार=प्रकाश / आलोक
वाक्य प्रयोग:* ज्ञान का एक छोटा सा दीपक भी अज्ञानता के घने अंधकार को मिटाकर प्रकाश फैला देता है।
2. सपूत =कपूत
वाक्य प्रयोग: कुल का सपूत अपने सत्कर्मों से परिवार का गौरव बढ़ाता है, जबकि कपूत समाज में अपयश लाता है।
प्रश्न-10 (C) निम्नलिखित मुहावरे का अर्थ देकर वाक्य में प्रयोग कीजिए :
1. बेड़ा पार लगाना = संकट से मुक्ति दिलाना / उद्धार करना
वाक्य प्रयोग: जीवन की कठिन परीक्षाओं और आपदाओं में ईश्वर की कृपा ही मनुष्य का बेड़ा पार लगाती है।
2. बात पर कान न धरना = अनसुना करना / ध्यान न देना
वाक्य प्रयोग: अध्यापक के बार-बार समझाने पर भी उद्दंड छात्र ने उनकी बात पर ज़रा भी कान नहीं धरा।
प्रश्न-10 (D) निम्नलिखित कहावत का अर्थ देकर वाक्य में प्रयोग कीजिए :
1. "जहाँ चाह, वहाँ राह।"
*अर्थ:* यदि मन में दृढ़ इच्छाशक्ति, लगन और संकल्प हो, तो किसी भी कठिन कार्य को सिद्ध करने का मार्ग स्वतः ही मिल जाता है।
*वाक्य प्रयोग:* अत्यंत निर्धनता के परिवेश से निकलकर कठोर परिश्रम के बल पर डॉ. कलाम का सर्वोच्च वैज्ञानिक बनना सिद्ध करता है कि जहाँ चाह, वहाँ राह होती है।
प्रश्न-11 निम्नलिखित परिच्छेद का गुजराती में अनुवाद कीजिए :
"આપણા માટે સંસારમાં સૌથી વધુ મૂલ્યવાન આપણું શરીર છે. શરીર દ્વારા જ આપણે બધાં કાર્યો કરીએ છીએ. તેથી શરીરનું સ્વસ્થ રહેવું અત્યંત જરૂરી છે. શરીરને તંદુરસ્ત રાખવા માટે વ્યાયામ (કસરત) કરવો આવશ્યક છે. નિયમિત વ્યાયામથી શરીર મજબૂત અને સુડોળ બને છે તથા અંગ-અંગમાં નવી સ્ફૂર્તિનો સંચાર થાય છે."
प्रश्न-12 निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर लगभग 100 से 120 शब्दों में निबंध लिखिए :
विषय: वृक्षों का महत्त्व (पेड़ हमारे सच्चे मित्र)
वृक्ष प्रकृति की ओर से संपूर्ण चराचर जगत को दिया गया सबसे अमूल्य उपहार हैं। ये धरती पर जीवन के आधार स्तंभ और समस्त प्राणियों के सच्चे तथा निस्वार्थ मित्र हैं।
वृक्ष पर्यावरण से विषैली कार्बन डाइऑक्साइड को ग्रहण करके हमें जीवनदायी ऑक्सीजन प्रदान करते हैं। वे हमें मीठे फल, पौष्टिक कंदमूल, शीतल छाया, स्वच्छ वायु, सुगंधित पुष्प और कीमती इमारती लकड़ियाँ तथा कागज़ बनाने की सामग्री देते हैं। वृक्षों की जड़ें वर्षा के जल को भूगर्भ में संचित करने और भूमि के क्षरण को रोकने में सहायता करती हैं। वृक्ष वर्षा को आकर्षित करते हैं और अनगिनत पशु-पक्षियों का प्राकृतिक आश्रय स्थल बनते हैं।
आज मनुष्य अपने क्षणिक स्वार्थ के लिए वनों की अंधाधुंध कटाई कर रहा है, जिसके दुष्परिणामस्वरूप ग्लोबल वॉर्मिंग, सूखा और प्रदूषण जैसी विकराल समस्याएँ बढ़ रही हैं। यदि वृक्ष नहीं रहेंगे, तो वसुंधरा पर जीवन का अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा। अतः हमारा परम धर्म है कि हम वृक्षों की रक्षा करें और 'प्रत्येक व्यक्ति एक पौधा अवश्य लगाए' के संकल्प को साकार करें।