Friday, 14 March 2025

उचित विरामचिन्ह लगाके वाक्य फिर से लिखना

नीचे दिए गए वाक्योमे उचित विरामचिन्ह लगाके वाक्य फिर से लिखिए ।  

25 वाक्य (बिना विरामचिह्न के):

  1. राम मंदिर जा रहा है वहां उसका दोस्त पहले से खड़ा था
  2. सुबह होते ही पक्षियों ने चहचहाना शुरू कर दिया
  3. बारिश के कारण सड़क पर पानी भर गया
  4. मनीषा पढ़ाई कर रही थी उसकी माँ रसोई में थी
  5. मैंने तुम्हें कई बार बुलाया तुमने सुना नहीं
  6. खेतों में हरियाली छाई हुई थी किसान खुशी से झूम रहे थे
  7. दीपक किताब पढ़ रहा था तभी फोन की घंटी बजी
  8. बस स्टैंड पर लोगों की भीड़ थी सब जल्दी में थे
  9. सूरज ढल रहा था पक्षी अपने घोंसलों को लौट रहे थे
  10. मेरे दादा जी रोज सुबह टहलने जाते हैं
  11. पुस्तकालय में शांति बनाए रखना बहुत जरूरी है
  12. नदी का पानी बहता जा रहा था बच्चे पानी में खेल रहे थे
  13. सड़क पर ट्रैफिक बहुत ज्यादा था लोग परेशान हो रहे थे
  14. परीक्षा के लिए सब छात्र कड़ी मेहनत कर रहे थे
  15. बाजार में सब्जियों के दाम बढ़ गए हैं
  16. छोटी बच्ची गुड़िया के साथ खेल रही थी
  17. सूरज की रोशनी में पेड़ों की छांव बहुत अच्छी लगती है
  18. स्कूल की घंटी बजते ही सब बच्चे भागने लगे
  19. बाजार में तरह-तरह की मिठाइयाँ बिक रही थीं
  20. पंछी आसमान में उड़ रहे थे बादल धीरे-धीरे छा रहे थे
  21. रेलगाड़ी स्टेशन पर रुकी यात्री उतरने लगे
  22. सर्दी के मौसम में लोग रजाई में बैठे थे
  23. किताब पढ़ते-पढ़ते नीतू को नींद आ गई
  24. बारिश के बाद इंद्रधनुष निकल आया था
  25. बच्चे पार्क में खेल रहे थे और उनके माता-पिता बातें कर रहे थे

उत्तर (विराम चिह्न सहित सही वाक्य):

  1. राम मंदिर जा रहा है, वहां उसका दोस्त पहले से खड़ा था।
  2. सुबह होते ही पक्षियों ने चहचहाना शुरू कर दिया।
  3. बारिश के कारण सड़क पर पानी भर गया।
  4. मनीषा पढ़ाई कर रही थी, उसकी माँ रसोई में थी।
  5. मैंने तुम्हें कई बार बुलाया, तुमने सुना नहीं।
  6. खेतों में हरियाली छाई हुई थी, किसान खुशी से झूम रहे थे।
  7. दीपक किताब पढ़ रहा था, तभी फोन की घंटी बजी।
  8. बस स्टैंड पर लोगों की भीड़ थी, सब जल्दी में थे।
  9. सूरज ढल रहा था, पक्षी अपने घोंसलों को लौट रहे थे।
  10. मेरे दादा जी रोज सुबह टहलने जाते हैं।
  11. पुस्तकालय में शांति बनाए रखना बहुत जरूरी है।
  12. नदी का पानी बहता जा रहा था, बच्चे पानी में खेल रहे थे।
  13. सड़क पर ट्रैफिक बहुत ज्यादा था, लोग परेशान हो रहे थे।
  14. परीक्षा के लिए सब छात्र कड़ी मेहनत कर रहे थे।
  15. बाजार में सब्जियों के दाम बढ़ गए हैं।
  16. छोटी बच्ची गुड़िया के साथ खेल रही थी।
  17. सूरज की रोशनी में पेड़ों की छांव बहुत अच्छी लगती है।
  18. स्कूल की घंटी बजते ही सब बच्चे भागने लगे।
  19. बाजार में तरह-तरह की मिठाइयाँ बिक रही थीं।
  20. पंछी आसमान में उड़ रहे थे, बादल धीरे-धीरे छा रहे थे।
  21. रेलगाड़ी स्टेशन पर रुकी, यात्री उतरने लगे।
  22. सर्दी के मौसम में लोग रजाई में बैठे थे।
  23. किताब पढ़ते-पढ़ते नीतू को नींद आ गई।
  24. बारिश के बाद इंद्रधनुष निकल आया था।
  25. बच्चे पार्क में खेल रहे थे, और उनके माता-पिता बातें कर रहे थे।


कहावतों के अर्थ दीजिए -कक्षा-6

 कहावतों के अर्थ दीजिए |

(1) अक्ल बड़ी या भैंस - 
    शरीर बड़ा होने की अपेक्षा अक्ल बड़ी होती है।
(2) आसमान से गिरा खजूर में अटका -
    एक के बाद एक विपत्ति में फँसना।
(3) आये थे हरि भजन को ओटन लगे कपास - 
   अच्छा काम छोड़कर महत्त्वहीन काम में लग जाना।
(4) जो गरजते हैं वो बरसते नहीं - 
    जो डींग मारते हैं, वे काम नहीं करते।
(5) जैसी करनी वैसी भरनी -
    जो जैसा करते हैं उसे उसीके अनुसार फल भुगतना पड़ता है।
(6) उल्टा चोर कोटवाल को डांटे-
    अपराधी द्वारा निर्दोष को धमकाना ।
(7) ऊंची दुकान,फीका पकवान 
    प्रसिध्धी के अनुरूप न होना ।
(8) एक तो करेला ऊपर से नीम चढ़ा 
    एक दोष के साथ साथ दूसरा दोष भी लग जाना ।
(9) कंगाली मे आटा  गीला 
    मुसीबत मे और मुसीबत आना ।
(10) चमड़ी जाये पर दमड़ी न जाए 
     कंजूस व्यक्ति कष्ट शान कर लेता है लेकिन पैसा नहीं खर्च करता ।
(11) कोयले की दलाली मे हाथ काला 
     बुरे के साथ रहने पर बुराई मिलती है ।
(12) एक सदी मछली सारे तालाब को गंदा करती है 
     एक की बुराई के कारण सबकी बदनामी होना । 
(13) कहा राजा भोज और कहा गंगू तैली 
     दो व्यक्तियों की स्थिति मे बहुत अंतर होना ।
(14) नाम बड़े और दर्शन छोटे 
      प्रसिध्धी अधिक किन्तु तत्व कुछ भी नहीं ।
(15) बोया पेड़ बाबुल का आम कहा से होए 
     बुरे कामो का फल अच्छा नहीं मिलता । 

दी गई परिस्थिति के आधार पर अपने विचार प्रगट करना-कक्षा-6

 नीचे दी गई परिस्थिति मे आप क्या करेंगे|

1) आपके गाँव में बाढ़ आए तब आप उस समय क्या करेंगे?
    अगर मेरे गाँव में बाढ़ आ जाए, तो मैं निम्न कार्य करूंगा:
  • सबसे पहले परिवार के सदस्यों और पड़ोसियों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने का प्रयास करूंगा।
  • प्रशासन द्वारा बनाए गए राहत केंद्रों की जानकारी लूंगा और सभी को वहां जाने के लिए प्रोत्साहित करूंगा।
  • बुजुर्ग, बच्चों और बीमार व्यक्तियों की विशेष सहायता करूंगा।
  • यदि संभव हो तो मोबाइल, टॉर्च, पानी की बोतल, जरूरी दवाइयाँ और अन्य आवश्यक सामान साथ ले जाऊंगा।
  • प्रशासन, पुलिस या आपदा राहत दल को सूचना देकर सहायता माँगूंगा।
  • गाँव के लोगों को सुरक्षित रहने के उपाय जैसे बिजली के खंभों से दूर रहना, गंदे पानी में न चलना आदि के लिए जागरूक करूंगा।
2) क्या तुम्हारे साथ भी कभी ऐसी घटना घटी है कि तुम्हें न्याय के लिए        किसी के पास जाना पड़ा हो?
    हाँ/नहीं (व्यक्तिगत अनुभव के आधार पर उत्तर दे सकते हैं)।

यदि हाँ: मैं अपनी समस्या लेकर स्कूल के प्रधानाचार्य, ग्राम पंचायत या अन्य सक्षम व्यक्ति के पास गया था। उन्होंने मेरी बात सुनी और उचित समाधान निकाला।
यदि नहीं: अभी तक मेरे साथ ऐसी कोई घटना नहीं घटी है, लेकिन यदि भविष्य में ऐसा कुछ होता है तो मैं उचित मार्ग अपनाकर न्याय पाने का प्रयास करूंगा।

चित्र के आधार पर कहानी लिखना-कक्षा-6

चित्र के आधार पर कहानी लिखिए |
 (1) 

"मित्रता का महत्व"

             एक घने जंगल में एक हिरण, एक कछुआ, एक चूहा और एक कौवा अच्छे मित्र थे। वे सभी एक-दूसरे की मदद करने के लिए हमेशा तैयार रहते थे।

           एक दिन हिरण अपने मित्रों के साथ खेल रहा था। तभी एक शिकारी उस जंगल में आया और उसने हिरण को देख लिया।हिरण पानी पीने के लिए तालाब के पास गया तो शिकारी ने जाल बिछाकर उसे पकड़ने की योजना बनाई।

         हिरन शिकारी के जाल में फंस गया। उसकी हालत बहुत खराब हो गई। उसे लगा कि अब उसका बचना मुश्किल है।हिरण के मित्र चूहा, कछुआ और कौवा वहां पहुंच गए। कौवे ने शिकारी पर नजर रखी, चूहे ने अपने तेज दांतों से जाल को काट दिया और कछुआ पास ही धीरे-धीरे रेंगता हुआ शिकारी का ध्यान खींचने के लिए पहुंच गया। शिकारी ने कछुए को पकड़ने के लिए हिरण को छोड़ दिया।

         जैसे ही शिकारी कछुए के पास पहुंचा, हिरण भाग निकला और चूहा व कौवा भी कछुए को सुरक्षित स्थान पर ले गए। शिकारी खाली हाथ लौट गया।

सीख:
सच्चे मित्र वही होते हैं जो मुसीबत के समय एक-दूसरे की मदद करते हैं। एकता में शक्ति होती है।


(2) 



मुहावरे का अर्थ देकर वाकय मे प्रयोग-कक्षा-6

 मुहावरे का अर्थ देकर वाकय मे प्रयोग करे 

1) स्वर्ण सवेरा लाना
अर्थ: अच्छे दिन आना या खुशहाल समय का आना
वाक्य: स्वतंत्रता संग्राम के बाद भारत में आज़ादी का स्वर्ण सवेरा लाया गया।
2) गंगा-यमुना लहराना
अर्थ: खुशियों का माहौल बनना
वाक्य: त्योहार के दिन पूरे मोहल्ले में आनंद और उल्लास से गंगा-यमुना लहराने लगी।
3) सिर खुजलाना
अर्थ: किसी समस्या में उलझना या परेशान होना
वाक्य: गणित के कठिन प्रश्न को हल करते-करते राहुल सिर खुजलाने लगा।
4) पैरों तले ज़मीन खिसक जाना
अर्थ: अचानक किसी अप्रत्याशित घटना से स्तब्ध हो जाना
वाक्य: परीक्षा में फेल होने की खबर सुनकर राकेश के पैरों तले ज़मीन खिसक गई।
5) कहा-सुनी होना
अर्थ: किसी से विवाद या झगड़ा होना
वाक्य: ज़रा-सी बात पर राम और श्याम के बीच कहा-सुनी हो गई।
6) सिर पकड़कर बैठ जाना
अर्थ: बहुत अधिक चिंता या परेशानी में पड़ जाना
वाक्य: नौकरी छूटने की खबर सुनते ही सुरेश सिर पकड़कर बैठ गया।
7) आईना बनना
अर्थ: किसी बात को स्पष्ट रूप से प्रकट करना
वाक्य: उसकी ईमानदारी का व्यवहार सभी के लिए आईना बन गया।
8) रोब जमाना
अर्थ: अपनी धाक या दबदबा बनाना
वाक्य: ऑफिस में नया मैनेजर आते ही अपने कर्मचारियों पर रोब जमाने लगा।
9) नाक में दम करना
अर्थ: बहुत परेशान करना
वाक्य: छोटे बच्चों ने खेल-कूद में शोर मचाकर सबकी नाक में दम कर दिया।

10) आंखों का तारा
अर्थ: बहुत प्रिय व्यक्ति

वाक्य: रीना अपने माता-पिता की आंखों का तारा है, इसलिए वे उसकी हर इच्छा पूरी करते हैं।
11) नाक में दम करना

अर्थ: बहुत परेशान करना
वाक्य: छोटे बच्चे ने अपनी शरारतों से सबकी नाक में दम कर दिया था।
12) दांतों तले उंगली दबाना
अर्थ: बहुत आश्चर्यचकित हो जाना
वाक्य: उसके गाने की मधुर आवाज़ सुनकर सभी ने दांतों तले उंगली दबा ली
13) पसीना-पसीना होना
अर्थ: बहुत थक जाना या मेहनत करना
वाक्य: परीक्षा में अच्छे अंक लाने के लिए रमेश दिन-रात मेहनत कर पसीना-पसीना हो गया
14) आसमान छूना
अर्थ: बहुत ऊँचाई या सफलता प्राप्त करना
वाक्य: आजकल पेट्रोल के दाम आसमान छू रहे हैं।

काव्य पंक्तियो का भावार्थ लिखिए -कक्षा-6

 काव्य पंक्तियो का भावार्थ अपने शब्दो मे लिखिए  

(1) 

                   इतनी शक्ति हमे देना दाता !
                            मनका विश्वास कमजोर होना; 
                  हम चले नेक रास्ते पे हमसे 
                           भूलकर भी कोई भूल होना .. इतनी 

         कवि कहते है, हे दाता (ईश्वर)! तू हमें इतनी शक्ति दे, ताकत दे कि तुझ पर मेरे मन का भरोसा कभी कम न हो। हम हमेशा अच्छाई और ईमानदारी के रास्ते पर ही चलें और भूलकर भी हमसे कोई गलती न हो।
(2) 
                   हम अंधेरे मे है रोशनी दे, 
                           खो न दे खुद को ही दुश्मनी से, 
                  हम सजा पाए अपने किए की , 
                          मौत भी हो तो सह ले खुशी से, 
                  कल जो गुजारा है फिर से न गुजरे, 
                         आनेवाला वो कल एसा हो ना... 

            कवि कहते है, हे ईश्वर, हम अज्ञान के अँधेरे में हैं। तू हमें ज्ञान की रोशनी प्रदान कर । हम एक-दूसरे से दुश्मनी कर अपने आपको मिटा न डालें। अगर हम गलत काम करें तो हमें उसकी सजा मौत भी मिलें तो हम खुशी से उसे सह लें। कल जो बुरी घटनाएँ हुई हैं, वे फिर कभी न हो। आनेवाला कल बीते हुए कल जैसा बुरा न हो।

(3) 
                       हर तरफ जुल्म है,बेबसी है,
                               सहमा सहमा सा हर आदमी है,
                      पाप का बोज बढ़ता ही जाये ,
                               जाने कैसे ये धरती थमी है? 
             कवि कहते है,आज हर तरफ अत्याचार हो रहे हैं। लोग उन्हें रोकने में असमर्थ हैं। हर आदमी डरा-डरा दिखाई देता है। पाप का बोझ बढ़ता ही जा रहा है। पता नहीं, धरती यह सब कैसे सहन कर रही है। 
(4) 
कंप्यूटर की क्रान्ति आ गई 
इन्टरनेट की परछाई 
इधर उधर पर खुशियाली की 
गंगा-यमुना लहराई 
बच्चे नई सदी के बोले ,
दूनी अपनी शान की! 

                    इस पंक्ति में कवि ने आधुनिक तकनीकी विकास और नई पीढ़ी के आत्मविश्वास का वर्णन किया है।कवि कहते हैं कि कंप्यूटर और इंटरनेट के आगमन से एक क्रांतिकारी बदलाव आया है। इंटरनेट ने पूरी दुनिया को एक-दूसरे से जोड़ दिया है, जिससे हर ओर खुशहाली का वातावरण बन गया है। यह परिवर्तन ऐसे है मानो गंगा-यमुना की पवित्र लहरें चारों ओर बह रही हों, जो सुख-समृद्धि और ज्ञान का प्रतीक है।नई सदी के बच्चे, जो इस तकनीकी युग में पले-बढ़े हैं, वे आत्मविश्वास से भरपूर हैं और अपनी पहचान व प्रतिष्ठा को पहले से दोगुना ऊँचा उठाने का संकल्प कर रहे हैं।

Thursday, 13 March 2025

समय सारणी पर से प्रश्नो के उत्तर

 नीचे दी गई समय सारणी को देखकर प्रश्नो के उत्तर दीजिए । 

प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1: कौन-सी बस सबसे पहले प्रस्थान करती है?
उत्तर: ग्रीन एक्सप्रेस बस सबसे पहले 08:00 AM पर प्रस्थान करती है।

प्रश्न 2: श्यामनगर जाने के लिए कौन-सी बस जाती है और वह कितने बजे प्रस्थान करती है?
उत्तर: श्यामनगर जाने के लिए रेड राइडर बस जाती है और यह 09:15 AM पर प्रस्थान करती है।

प्रश्न 3: कौन-सी बस प्लेटफार्म नंबर 3 से चलती है?
उत्तर: ब्लू वेव बस प्लेटफार्म नंबर 3 से चलती है।

प्रश्न 4: लक्ष्मीनगर पहुँचने में कौन-सी बस का उपयोग करना चाहिए और वह कितने बजे पहुँचती है?
उत्तर: लक्ष्मीनगर जाने के लिए येलो स्टार बस का उपयोग करना चाहिए और यह 01:15 PM पर पहुँचती है।

प्रश्न 5: जनकपुर जाने वाली बस का नाम क्या है और यह किस प्लेटफ़ॉर्म से चलती है?
उत्तर: जनकपुर जाने वाली बस का नाम सिल्वर लाइन है और यह प्लेटफ़ॉर्म नंबर 1 से चलती है।