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Sunday, 26 October 2025

અધ્યયન નિષ્પતી આધારીત કસોટી-ધોરણ-8-હિન્દી-પાઠ-1-પત્ર એવમ ડાયરી


 

ધોરણ 8 હિન્દી - દ્વિતીય સત્ર - પાઠ 1: पत्र एवं डायरी

અધ્યયન ક્ષમતા કસોટી

કુલ ગુણ: 10     સમય: 20 મિનિટ

અધ્યયન ક્ષમતા:

H802.04   पत्र सुनकर एवं पढ़कर समझते हैं।

H811   प्रश्नों के उत्तर देते हैं।

👉વિજયભાઈ આર ગોંડલીયા-સુરેન્દ્રનગર 


વિભાગ-A: H811  प्रश्नों के उत्तर देते हैं। (4 ગુણ)

प्रश्न 1: पाठ में दिए गए पत्र को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक वाक्य में दीजिए। (प्रत्येक 1 ગુણ)

(1) निमंत्रण पत्र किसने और किसे लिखा है? 

(2) निमंत्रण पत्र किस तारीख को लिखा गया है? 

(3) व्यावसायिक पत्र में कितनी  पुस्तक भेजने की बात कही है?

(4) अनुमति पत्र में रमेश  ने पिताजी से प्रवास के लिए कितने पैसे मांगे ?


વિભાગ-B: H802.04   पत्र सुनकर एवं पढ़कर समझते हैं। (6 ગુણ)

प्रश्न 2: पाठ में दी गई दोनों डायरी के अंश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दो-तीन वाक्यों में दीजिए। (प्रत्येक 3 ગુણ)

(1) लेखक  9:00 बजे अपने पिताजी के साथ कहा और क्यो गए थे ?

(2) लेखक को कब नींद आ गई ?



ઉત્તરવહી (માર્ગદર્શિકા)

વિભાગ-A: 

(1) निमंत्रण पत्र किसने और किसे लिखा है? (1 ગુણ) 

उत्तर: निमंत्रण पत्र साहिल ने अपने मित्र स्नेहल  को लिखा है।

(2) निमंत्रण पत्र किस तारीख को लिखा गया है? (1 ગુણ) 

उत्तर: पत्र 8 अगस्त 2011 को लिखा गया है।

(3) व्यावसायिक पत्र में कितनी  पुस्तक भेजने की बात कही है? (1 ગુણ) 

उत्तर: व्यावसायिक पत्र में प्रीती शाह ने चार ' पुस्तके  भेजने की बात कही है।

(4) अनुमति पत्र में रमेश  ने पिताजी से प्रवास के लिए कितने पैसे मांगे ? (1 ગુણ) 

उत्तर: अनुमति पत्र मे रमेशने पिताजी से 800/- रुपए प्रवास के लिए मांगे| 


વિભાગ-B: 

(1) लेखक  9:00 बजे अपने पिताजी के साथ कहा और क्यो गए थे ? (3 ગુણ) 

उत्तर: लेखक सुबह के 9:00 बजे आदर्श मंदिर विध्यालय मे प्रवेश पाने के लिए अपने पिताजी के साथ गए थे | 

(2) लेखक को कब नींद आ गई ? (3 ગુણ) 

उत्तर: दूसरे दिन विज्ञान और टेक्नोलोजी की परीक्षा के कारण लेखक को नींद नाही आ रही थी | जब पिताजी आए और उन्हे लेटने को कहा और वे चले गए ,तब उन्होने टेबल लेंप जलाया और पुस्तक के पन्ने पुन: पलटने लगे |फिर थक कर वे लेट गए और उन्हे नींद आ गई| 

અધ્યયન નિષ્પતી આધારીત કસોટી-ધોરણ-8-હિન્દી-પાઠ-2-કચ્છ કી સૈર

ધોરણ 8 હિન્દી - દ્વિતીય સત્ર - પાઠ 2: कच्छ की सैर

પત્રક A આધારીત અધ્યયન ક્ષમતા કસોટી

કુલ ગુણ: 15 સમય: 30 મિનિટ

અધ્યયન ક્ષમતા: 

H802.05 वर्णन सुनकर एवं पढ़कर समझते हैं। 

H811  प्रश्न-सूचक शब्दों (क्या, कौन, कब, कहाँ, क्यों, कैसे) वाले प्रश्नों के उत्तर दे सकते हैं। 

H819  पहेलियों और चुटकुलों का निर्माण कर सकते हैं।

👉વિજયભાઈ આર ગોંડલીયા - સુરેન્દ્રનગર 


વિભાગ-A:  H811  प्रश्न-सूचक शब्दों (क्या, कौन, कब, कहाँ, क्यों, कैसे) वाले प्रश्नों के उत्तर दे सकते हैं। (8 ગુણ)

प्रश्न 1: निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो वाक्यों में लिखिए। (प्रत्येक 2 ગુણ)

(1) कच्छ का मुख्य नगर कौन-सा है? और वह किस लिए प्रसिद्ध है? 

(2) कच्छ में कौन-कौन से पाँच तीर्थ हैं? 

(3) 'कच्छ की सैर' पाठ कहाँ से शुरू होती है? 

(4) कच्छ के लोग अपना जीवन कैसे गुज़ारते हैं? 


વિભાગ-B: H802.05 वर्णन सुनकर एवं पढ़कर समझते हैं। (3 ગુણ)

प्रश्न 2: निम्नलिखित वाक्यों को पढ़कर बताइए कि वे कच्छ के किस स्थान का वर्णन कर रहे हैं। (प्रत्येक 1 ગુણ)

(1) यह कच्छ का मुख्य प्रवेश द्वार है, जो भुज से 100 किमी दूर स्थित है। 

स्थान: __________________________

(2) यहाँ एक प्राचीन बंदरगाह है जहाँ समुद्र में 72 जिनालय हैं। 

स्थान: __________________________

(3) यह सबसे नया नगर माना जाता है और आधुनिक तरीके से विकसित हुआ है। 

स्थान: __________________________


વિભાગ-C: H819  पहेलियों और चुटकुलों का निर्माण कर सकते हैं। (4 ગુણ)

प्रश्न 3: निम्नलिखित विषयों पर एक-एक पहेली और एक चुटकुला बनाइए।

(1) एसी पहेली  बनाइए जिसका उत्तर 'ऊँट' हो। (2 ગુણ) 

(2) ऐसा चुटकुला बनाइये जिसमे 'कच्छ' शब्द आता हो। (2 ગુણ)




ઉત્તરવહી (માર્ગદર્શિકા)

વિભાગ-A: 

(1) कच्छ का मुख्य नगर कौन-सा है? और वह किस लिए प्रसिद्ध है?

उत्तर: कच्छ का मुख्य नगर कौन-सा है? - कच्छ का मुख्य नगर भुज है। यह किस लिए प्रसिद्ध है? - यह भूकंप के बाद निर्मित आधुनिक अस्पताल, संग्रहालय तथा सुंदर झील के लिए प्रसिद्ध है।

(2) कच्छ में कौन-कौन से पाँच तीर्थ हैं? 

उत्तर: कच्छ में कौन-कौन से पाँच तीर्थ हैं? - ये हैं: श्रीमद् अद्वैत आचार्य श्री लक्ष्मीनाथजी पीठ, प्रागमहल, आयना महल, अलबर्ट हॉल म्यूज़ियम और हमिरसर झील । 

(3) 'कच्छ की सैर' पाठ कहाँ से शुरू होती है? 

उत्तर: 'कच्छ की सैर' पाठ कहाँ से शुरू होती है? - यह पाठ कच्छ के प्रवेश द्वार 'सामखियाली' से शुरू होती है।

(4) कच्छ के लोग अपना जीवन कैसे गुज़ारते हैं?

उत्तर: कच्छ के लोग अपना जीवन कैसे गुजारते हैं? - यहाँ के लोग साहसी, परिश्रमी और मेहनती हैं। वे विपरीत परिस्थितियों में भी अपने जीवन को आनंद और उल्लास से गुज़ारते हैं।


વિભાગ-B: 

(1) यह कच्छ का मुख्य प्रवेश द्वार है, जो भुज से 100 किमी दूर स्थित है। 

स्थान: सामखियाली

(2) यहाँ एक प्राचीन बंदरगाह है जहाँ समुद्र में 72 जिनालय हैं।

स्थान: मांडवी

(3) यह सबसे नया नगर माना जाता है और आधुनिक तरीके से विकसित हुआ है।

स्थान: गांधीधाम


વિભાગ-C: 

प्रश्न 3: पहेली और चुटकुले का निर्माण

(1) एसी पहेली  बनाइए जिसका उत्तर 'ऊँट' हो। (2 ગુણ) 

 उदाहरण पहेली: 

रेगिस्तान का जहाज हूँ कहलाता, 

लंबी गर्दन, पीठ पर कूबड़ पाता।

 बिना पानी मैं रह लेता हूँ कई दिन, 

बोलो कौन हूँ मैं? 

उत्तर: ऊँट

(2) ચુટકુલા जिसमें 'कच्छ' शब्द आता हो। (2 ગુણ) 

उदाहरण चुटकुला: 

शिक्षक: राजू, बताओ कच्छ के रण की सबसे बड़ी खासियत क्या है? 
राजू: सर, सबसे बड़ी खासियत यह है कि वहाँ आप घूमने जाएँगे तो दूर-दूर तक एक भी पेड़ नहीं मिलेगा, पर पेट्रोल पंप का बिल सबसे ज़्यादा आएगा! 
शिक्षक: (हैरान होकर) क्यों? 
राजू: क्योंकि सर, कच्छ का रण इतना बड़ा है कि गाड़ी चलती ही रहती है!

અધ્યયન નિષ્પતી આધારીત કસોટી-ધોરણ-8-પાઠ-3-મત બાટો ઇન્સાન કો


ધોરણ 8 હિન્દી - દ્વિતીય સત્ર -પાઠ 3: मत बाँटो इंसान को

અધ્યયન ક્ષમતા કસોટી

કુલ ગુણ: 10 સમય: 20 મિનિટ

અધ્યયન ક્ષમતા: 

H801.01  अपरिचित शब्द और वाक्य सुनकर एवं पढ़कर समझते हैं। 

H831  काव्य पंक्तियों को पढ़कर उनका भावार्थ बता सकते हैं।

👉વિજયભાઈ આર ગોંડલીયા- સુરેન્દ્રનગર  


વિભાગ-A: H801.01  अपरिचित शब्द और वाक्य सुनकर एवं पढ़कर समझते हैं।  (4 ગુણ)

प्रश्न 1: निम्नलिखित शब्दों का अर्थ लिखकर उन्हें अपने वाक्य में प्रयोग कीजिए। (प्रत्येक 2 ગુણ)

(1) अंधियार (यह शब्द कविता में आया है)

  • અર્થ: __________________________

  • વાક્ય પ્રયોગ: _______________________________   

(2) 'पावन ' शब्द का पर्यायवाची शब्द लिखकर उसका वाक्य मे प्रयोग कीजिए | (2 ગુણ)

વિભાગ-B: H831  काव्य पंक्तियों को पढ़कर उनका भावार्थ बता सकते हैं। ( 6 ગુણ 
(1) 'अभी शरूआत मनुजता की, बहुत चलेगा दौर।'(2 ગુણ)

(2) 'हरा भरा जीवन हो सबका, मत बाँटो इंसान को।'(2 ગુણ)

(3) 'रोको मत यह शुभ संकल्प, युग-युग तक का है।' (2 ગુણ)

_________________________________________________________________________________


ઉત્તરવહી (આપના સંદર્ભ માટે)

વિભાગ-A: 

(1) अंधियार

  • અર્થ: अंधकार / अँधेरा 

  • વાક્ય પ્રયોગ: ज्ञान का प्रकाश अंधियार को दूर करता है।

(2) पावन

  • અર્થ: पवित्र  / शुद्ध

  • વાક્ય પ્રયોગ: भारत की नदियाँ हमारे लिए पावन हैं।


વિભાગ-B: 

(1) 'अभी शरूआत मनुजता की, बहुत चलेगा दौर।' (2 ગુણ)

  भावार्थ: कवि कहते हैं कि अभी तक मनुष्य ने केवल अपने-आप को जाति, धर्म या रंग के आधार पर पहचाना है, लेकिन सही मायने में मानवता की शुरुआत अभी बाकी है। मनुष्यता के विकास और विस्तार का यह लंबा दौर (समय) अभी बहुत चलेगा, जिसका अर्थ है कि हमें सभी भेदभावों को मिटाकर सच्चे अर्थों में मनुष्य बनने के लिए अभी लंबा सफर तय करना है।

(2) 'हरा भरा जीवन हो सबका, मत बाँटो इंसान को।' (2 ગુણ) 

भावार्थ: कवि यह कामना करते हैं कि संसार में हर व्यक्ति का जीवन सुख-समृद्धि, खुशहाली और आनंद से भरा हो। इसलिए, मनुष्य को स्वयं ही धर्म, जाति, रंग या देश जैसे भेदों के आधार पर इंसान को बाँटना (विभाजित करना) बंद कर देना चाहिए और सभी को एक समान दृष्टि से देखना चाहिए।

(3) 'रोको मत यह शुभ संकल्प, युग-युग तक का है।' (2 ગુણ) 

भावार्थ: कवि कहते हैं कि मानवता को एक करने और समानता लाने का यह विचार या शुभ संकल्प किसी एक दिन या थोड़े समय का नहीं, बल्कि अनेक युगों तक चलने वाला है। इसलिए, इस पवित्र और सकारात्मक विचार को किसी को रोकना नहीं चाहिए। हमें एकता और भाईचारे (बंधुत्व) की भावना फैलाने के इस महान संकल्प में मिलकर साथ देना चाहिए।

અધ્યયન નિષ્પતી આધારીત કસોટી-ધોરણ-8-પાઠ-4-કર્મયોગી લાલ બહાદુર શાસ્ત્રી

 


ધોરણ 8 હિન્દી - દ્વિતીય સત્ર -પાઠ 4: कर्मयोगी लालबहादुर शास्त्री

પત્રક A આધારીત અધ્યયન ક્ષમતા કસોટી

કુલ ગુણ: 15    સમય: 30 મિનિટ

અધ્યયન ક્ષમતા:

H835 छात्र मे श्राव्य या वाच्य सामग्री में से निर्हित मूल्यों (आदर, प्रकृति प्रेम, विश्वबंधुत्व की भावना, राष्ट्रप्रेम) विकसित होते है।

H807 परिच्छेद को पढ़कर समझना। 

H816.02 परिचित विषय पर अपने विचार व्यक्त कर सकते है।

👉વિજયભાઈ આર ગોંડલીયા -સુરેન્દ્રનગર 


વિભાગ-A: H835 छात्र मे श्राव्य या वाच्य सामग्री में से निर्हित मूल्यों (आदर, प्रकृति प्रेम, विश्वबंधुत्व की भावना, राष्ट्रप्रेम) विकसित होते है। (5 ગુણ)

प्रश्न 1: निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दो-तीन वाक्यों में लिखिए। (प्रत्येक 2.5 ગુણ)

(1) लालबहादुर शास्त्री को 'कर्मयोगी' क्यों कहा जाता है?

(2) लालबहादुर शास्त्री के जीवन से आप 'राष्ट्रप्रेम' और 'आदर' का कौन-सा मूल्य सीखते हैं?


વિભાગ-B: H807 परिच्छेद को पढ़कर समझना।  (5 ગુણ)

प्रश्न 2: निम्नलिखित परिच्छेद को ध्यान से पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

                        शास्त्रीजी ने कभी भी पद और प्रतिष्ठा को अपने लिए साध्य नहीं माना। बल्कि वे उन साधनों के रूप में देखते थे, जिनका उपयोग वह जीवन को एक निश्चित दिशा देने में कर सकते थे। उनका सारा जीवन दर्शन 'कर्म' पर आधारित था। शास्त्रीजी का मानना था कि व्यक्ति जो भी कार्य करता है, उसके लिए वह स्वयं जिम्मेदार होता है। यदि हम अपने काम को निष्काम भाव से, बिना किसी फल की आशा के, पूरी लगन और ईमानदारी से करते हैं, तो यही सच्ची सेवा है और यही कर्मयोग है। वे स्वयं भी एक निष्काम कर्मयोगी थे।

(1) शास्त्रीजी पद और प्रतिष्ठा को किस रूप में देखते थे? (2 ગુણ)

(2) शास्त्रीजी के अनुसार सच्ची सेवा और कर्मयोग क्या है? (3 ગુણ)


વિભાગ-C: H816.02 परिचित विषय पर अपने विचार व्यक्त कर सकते है। (5 ગુણ)

प्रश्न 3: कर्मयोगी लालबहादुर शास्त्री के जीवन से प्रेरणा लेते हुए, 'हमारे जीवन में सादगी और ईमानदारी का महत्व' विषय पर अपने विचार 4-5 वाक्यों में व्यक्त कीजिए। (5 ગુણ)


ઉત્તરવહી (માર્ગદર્શિકા)

વિભાગ-A: 

(1) लालबहादुर शास्त्री को 'कर्मयोगी' क्यों कहा जाता है? उत्तर: लालबहादुर शास्त्री को 'कर्मयोगी' इसलिए कहा जाता है क्योंकि वे निष्काम कर्म में विश्वास रखते थे। उन्होंने बिना किसी फल की चिंता किए, पूरी लगन, ईमानदारी और समर्पण के साथ अपना सारा जीवन देश की सेवा में लगा दिया। उनके लिए 'कर्म' ही पूजा था।

(2) लालबहादुर शास्त्री के जीवन से आप 'राष्ट्रप्रेम' और 'आदर' का कौन-सा मूल्य सीखते हैं? उत्तर: हम सीखते हैं कि शास्त्रीजी ने राष्ट्रप्रेम के लिए अपनी पढ़ाई छोड़ दी और देश की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया। आदर का मूल्य यह है कि वे पद-प्रतिष्ठा को महत्व न देते हुए, सादगीपूर्ण जीवन जीते थे और सभी मनुष्यों के प्रति समान आदरभाव रखते थे।


વિભાગ-B: 

(1) शास्त्रीजी पद और प्रतिष्ठा को किस रूप में देखते थे? उत्तर: शास्त्रीजी पद और प्रतिष्ठा को अपने लिए साध्य (लक्ष्य) नहीं मानते थे। बल्कि वे इन्हें उन साधनों के रूप में देखते थे, जिनका उपयोग वह जीवन को एक निश्चित और सही दिशा देने में कर सकते थे।

(2) शास्त्रीजी के अनुसार सच्ची सेवा और कर्मयोग क्या है? उत्तर: शास्त्रीजी के अनुसार, यदि हम अपने कार्य को निष्काम भाव से, बिना किसी फल (परिणाम) की आशा के, पूरी लगन और ईमानदारी से करते हैं, तो यही सच्ची सेवा है और यही कर्मयोग है।


વિભાગ-C: 

प्रश्न 3: हमारे जीवन में सादगी और ईमानदारी का महत्व। (5 ગુણ)

उत्तर :

  • सादगी और ईमानदारी किसी भी व्यक्ति के चरित्र की आधारशिला हैं।

  • सादगी हमें संतोष सिखाती है और अनावश्यक दिखावे से दूर रखती है, जिससे हमारा जीवन तनावमुक्त रहता है।

  • ईमानदारी हमें समाज में विश्वास और सम्मान दिलाती है।

  • लालबहादुर शास्त्रीजी का जीवन हमें सिखाता है कि महान बनने के लिए साधन की नहीं, बल्कि सादगी और उच्च विचारों की आवश्यकता होती है।

  • ये दोनों गुण हमें राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को निष्ठापूर्वक निभाने की प्रेरणा देते हैं।

અધ્યયન નિષ્પતી આધારીત કસોટી-ધોરણ-8-પાઠ-5-દોહે

 

ધોરણ 8 હિન્દી - દ્વિતીય સત્ર - પાઠ 5: दोहे

પત્રક A આધારીત  અધ્યયન ક્ષમતા કસોટી

કુલ ગુણ: 15

સમય: 30 મિનિટ

અધ્યયન ક્ષમતા:

H803.04 दोहे सुनकर एवं पढ़कर समझते हैं।

H829 अव्यय का अर्थ एवं उनका भेद समझकर उपयोग करते हैं।

H821.01 समानार्थी शब्द का वाक्य में प्रयोग करते हैं।


વિભાગ-A: H803.04 दोहे सुनकर एवं पढ़कर समझते हैं। (6 ગુણ)

प्रश्न 1: निम्नलिखित दोहे को पढ़कर उसके नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दो-तीन वाक्यों में दीजिए। (प्रत्येक 3 ગુણ)

दोहा:

कबीरा खड़ा बाज़ार में, सबकी माँगे खैर।
ना काहू से दोस्ती, ना काहू से बैर॥

(1) प्रस्तुत दोहे में कबीर क्या संदेश देना चाहते हैं?

(2) 'सबकी माँगे खैर' से कबीर का क्या आशय है?


વિભાગ-B: H829 अव्यय का अर्थ एवं उनका भेद समझकर उपयोग करते हैं। (5 ગુણ)

प्रश्न 2: निम्नलिखित वाक्यों में से अव्यय को पहचानकर उसका भेद लिखिए। (प्रत्येक 1 ગુણ)

ક્રમવાક્યઅવ્યયઅવ્યય કા ભેદ
1रमेश धीरे-धीरे चल रहा था।                            
2अरे! यह तो कमाल हो गया।
3रहीम का घर स्कूल के पास है।

4मुझे चाय या कॉफी चाहिए।__________________________
प्रश्न 3: 'क्रिया विशेषण अव्यय ' की परीभाषा एक वाक्य मे लिखिए | (1 ગુણ)

  

વિભાગ-C:H821.01 समानार्थी शब्द का वाक्य में प्रयोग करते हैं।

प्रश्न-4: 'बैर 'और 'समता' शब्द का समानार्थी शब्द लिखकर उसका वाक्य में प्रयोग कीजिए। 
          (2 ગુણ)

___________________________________________________________________________

ઉત્તરવહી (માર્ગદર્શિકા)

વિભાગ-A: દોહોં કી સમજ (ઉત્તર)

(1) प्रस्तुत दोहे में कबीर क्या संदेश देना चाहते हैं? (3 ગુણ)

उत्तर: प्रस्तुत दोहे में कबीर यह संदेश देना चाहते हैं कि मनुष्य को सांसारिक मोहमाया और राग-द्वेष से मुक्त होकर जीवन जीना चाहिए। उन्हें न तो किसी से गहरी दोस्ती रखनी चाहिए और न ही किसी से दुश्मनी। उन्हें हमेशा उदासीन भाव से निष्पक्ष रहकर व्यवहार करना चाहिए।

(2) 'सबकी माँगे खैर' से कबीर का क्या आशय है? (3 ગુણ)

उत्तर: 'सबकी माँगे खैर' से कबीर का आशय है कि वह बाज़ार में खड़े होकर सभी लोगों की भलाई (કલ્યાણ) और કુશળતા (ક્ષેમ-કુશળ) की कामना करते हैं। इसका अर्थ है कि उनके मन में किसी के प्रति बैरभाव या द्वेष नहीं है और वे सभी के लिए शांति और कल्याण की प्रार्थना करते हैं।


વિભાગ-B: વ્યાકરણ (અવ્યય) (ઉત્તર)

प्रश्न 2: अव्यय पहचानकर उसका भेद लिखिए। (4 ગુણ)

ક્રમવાક્યઅવ્યયઅવ્યય કા ભેદ
1         रमेश धीरे-धीरे चल रहा था।            धीरे-धीरे     क्रिया-विशेषण अव्यय  (રીતિવાચક)            
2अरे! यह तो कमाल हो गया।अरे!विस्मयादिबोधक अव्यय  (આશ્ચર્યબોધક)
3रहीम का घर स्कूल के पास है।के पाससबंधबोधक अव्यय 
4मुझे चाय या कॉफी चाहिए।यासमुच्यबोधक अव्यय  (વિકલ્પસૂચક)

प्रश्न 3: 'ક્રિયા-વિશેષણ અવ્યય' કી પરિભાષા એક વાક્ય મેં લીખિયે। (1 ગુણ)

उत्तर: वे अव्यय शब्द जो क्रिया की विशेषता (जैसे - कब, कहाँ, कैसे, कितना) बताते हैं, उन्हें क्रिया-विशेषण अव्यय कहते हैं।


વિભાગ-C: समानार्थी શબ્દ કા પ્રયોગ (4 ગુણ)

प्रश्न 4: निम्नलिखित शब्दों के समानार्थी शब्द लिखकर उनका वाक्य में प्रयोग कीजिए। (प्रत्येक 2 ગુણ)

(1) बैर 

  • समानार्थी शब्द: दुश्मनी / शत्रुता

  • वाक्य प्रयोग: हमें किसी से भी दुश्मनी नहीं रखनी चाहिए। (અથવા) 

  •   कबीरदास ने किसी से भी बैर न रखने का संदेश दिया है।

(2) समता 

  • समानार्थी शब्द: समानता / बराबरी

  • वाक्य प्रयोग: भारतीय संविधान में सभी नागरिकों को समानता का अधिकार दिया गया है।

અધ્યયન નિષ્પતી આધારીત કસોટી-ધોરણ-8-હિન્દી-પાઠ-6-


 

ધોરણ 8 હિન્દી - દ્વિતીય સત્ર - પાઠ 6: तूफानों की ओर

અધ્યયન ક્ષમતા કસોટી

કુલ ગુણ: 10

સમય: 20 મિનિટ

અધ્યયન ક્ષમતા:

H803.02 कविता सुनकर एवं पढ़कर समझते हैं।

H824.03 विशेषण के प्रकार को समझते हैं।

👉વિજયભાઈ આર ગોંડલીયા - સુરેન્દ્રનગર 


વિભાગ-A: H803.02 कविता सुनकर एवं पढ़कर समझते हैं। (5 ગુણ)

प्रश्न 1: निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दो-तीन वाक्यों में दीजिए। (5 ગુણ)

(1) कवि ने तूफ़ानों की ओर जहाज़ मोड़ने की बात क्यों कही है? કવિતાના આધારે સમજાવો. (2.5 ગુણ)

(2) कवि किस बात से संतुष्ट नाही होना चाहते ? वे मनुष्य को क्या प्रेरणा देते है ? (2.5 ગુણ)



વિભાગ-B: H824.03 विशेषण के प्रकार को समझते हैं।(5 ગુણ)

प्रश्न 2: निम्नलिखित वाक्यों में से विशेषण पहचानकर उसका प्रकार लिखिए। (4 ગુણ)

ક્રમવાક્યવિશેષણવિશેષણનો પ્રકાર
1कवि क ह्रदय मे तीव्र तूफान है|                                                              
2मनुष्य के पास सात सागर और तूफान है|
3कवि ने हमे यह प्रेरणा दी है| 

4थोड़ा सा जल ले कर मनुष्य सागर को पार कर सकता है| 

प्रश्न 3: गुणवाचक विशेषण की परिभाषा एक वाक्य मे लिखिए  (1 ગુણ)


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ઉત્તરવહી (આપના સંદર્ભ માટે)

વિભાગ-A: 

(1) कवि ने तूफ़ानों की ओर जहाज़ मोड़ने की बात क्यों कही है? કવિતાના આધારે સમજાવો. (2.5 ગુણ) 

उत्तर: कवि ने तूफ़ानों की ओर जहाज़ मोड़ने की बात इसलिए कही है क्योंकि तूफ़ान जीवन की कठिनाइयों और चुनौतियों के प्रतीक हैं। कवि मनुष्य को संघर्ष से भागने के बजाय उसका डटकर सामना करने की प्रेरणा देना चाहते हैं। उनका मानना है कि ऐसे तूफ़ानों का मुकाबला करने से ही मनुष्य के साहस और क्षमता की सही पहचान होती है और उसे जीवन में आगे बढ़ने का अवसर मिलता है।

(2) कवि किस बात से संतुष्ट नाही होना चाहते ? वे मनुष्य को क्या प्रेरणा देते है ? (2.5 ગુણ) उत्तर: कवि केवल सीमित ज्ञान या असीम (सागर) की सीमा जानने से संतुष्ट नहीं होना चाहते। वे चाहते हैं कि सागर भी यह पहचाने कि मिट्टी का पुतला होने के बावजूद मानव ने कभी हार नहीं मानी है। वे मनुष्य को यह प्रेरणा देते हैं कि जब तक साँसों में जीवन है, तब तक उसे रुकना नहीं चाहिए। उसे अपने आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के बल पर जीवन की सभी बाधाओं और तूफ़ानों को पार करके अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ते रहना चाहिए।


વિભાગ-B: 

प्रश्न 2: विशेषण पहचानकर उसका प्रकार लिखिए। (4 ગુણ)

ક્રમવાક્યવિશેષણવિશેષણનો પ્રકાર
1कवि क ह्रदय मे तीव्र तूफान है|तीव्र गुणवाचक विशेषण
2मनुष्य के पास सात सागर और तूफान है|सातसंख्यावाचक विशेषण
3कवि ने हमे यह प्रेरणा दी है| यह सार्वनामिक (संकेतवाचक) विशेषण
4थोड़ा सा जल ले कर मनुष्य सागर को पार कर सकता है| थोड़ा सा परिमाणवाचक विशेषण
 प्रश्न-3 : गुणवाचक विशेषण की परिभाषा एक वाक्य मे लिखिए  (1 ગુણ) 
उत्तर: जो विशेषण शब्द संज्ञा या सर्वनाम के रूप, रंग, गुण, दोष, दशा, आकार या स्वभाव आदि की विशेषता बताते हैं, उन्हें गुणवाचक विशेषण कहते हैं।

અધ્યયન નિષ્પતી આધારીત કસોટી-ધોરણ-8-હિન્દી-પાઠ-7-हार की जीत

ધોરણ 8 હિન્દી - દ્વિતીય સત્ર - પાઠ 7: हार की जीत

🔆પત્રક A આધારીત અધ્યયન ક્ષમતા કસોટી🔆

કુલ ગુણ: 10       સમય: 20 મિનિટ

અધ્યયન ક્ષમતા:

H802.01 कहानियाँ पढ़कर समझते हैं।

H828 उपसर्ग एवं प्रत्यय का अर्थ समझकर उनका उपयोग करके नए शब्द की संरचना करते हैं।


વિભાગ-A: H802.01 कहानियाँ पढ़कर समझते हैं। (5 ગુણ)

प्रश्न 1: निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दो-तीन वाक्यों में दीजिए। (प्रत्येक 2.5 ગુણ)

(1) बाबा भारती ने अपने घोड़े 'सुल्तान' के बारे में क्या कहा था? यह घोड़ा उन्हें इतना प्रिय क्यों था?

(2) खड्ग सिंह के हृदय परिवर्तन का क्या कारण था? संक्षेप में समझाइए।


વિભાગ-B: H828 उपसर्ग एवं प्रत्यय का अर्थ समझकर उनका उपयोग करके नए शब्द की संरचना करते हैं।  (5 ગુણ)

प्रश्न 2: निम्नलिखित शब्दों में से उपसर्ग और मूल शब्द को अलग करके लिखिए। (प्रत्येक 1 ગુણ)

(1) विश्वास 

  • उपसर्ग: __________________________
  • मूल शब्द: __________________________

(2) निर्धन 

  •  उपसर्ग: __________________________
  • मूल शब्द: __________________________

प्रश्न 3: निम्नलिखित शब्दों में से प्रत्यय और मूल शब्द को अलग करके लिखिए। (प्रत्येक 1 ગુણ)

(1) मानवता 

  • प्रत्यय: __________________________

  • मूल शब्द: __________________________

(2) बुढ़ापा

  • प्रत्यय: __________________________

  • मूल शब्द: __________________________

प्रश्न 4: दिए गए उपसर्ग और प्रत्यय का उपयोग करके एक नया शब्द बनाइए। (1 ગુણ)

(1) उपसर्ग: 'अप-' नया शब्द: __________________________


ઉત્તરવહી (આપના સંદર્ભ માટે)

વિભાગ-A: 

(1) बाबा भारती ने अपने घोड़े 'सुल्तान' के बारे में क्या कहा था? 

उत्तर: बाबा भारती ने कहा था कि उन्हें सुल्तान से संतोष है और वह अपने घोड़े को संतोषजनक जीव मानते थे। वह घोड़े को प्यार से सुल्तान नाम से बुलाते थे। घोड़ा एक सुंदर, मज़बूत तथा हवा की तरह तेज़ दौड़ने वाला प्राणी था, इसीलिए बाबा भारती को वह बहुत प्रिय था।

(2) खड्ग सिंह के हृदय परिवर्तन का क्या कारण था? 

उत्तर: खड्ग सिंह ने घोड़ा चुरा लिया था, पर बाबा भारती ने उससे यह विनती की थी कि वह इस चोरी की बात किसी को न बताए। बाबा भारती ने कहा कि यदि लोगों को इस बात की जानकारी होगी, तो वे कभी किसी गरीब दुःखी व्यक्ति पर विश्वास नहीं करेंगे और उसकी मदद नहीं करेंगे। बाबा भारती की इस उदारता और मानवता भरी विनती से खड्ग सिंह का हृदय परिवर्तन हुआ और उसने घोड़ा वापस लौटा दिया।

વિભાગ-B: 

प्रश्न 2: उपसर्ग અને મૂળ શબ્દ 

(1) विश्वास:

  • उपसर्ग: वि-

  • मूल शब्द: श्वास

(2) निर्धन:

  • उपसर्ग: निर्-

  • मूल शब्द: धन

प्रश्न 3: प्रत्यય અને મૂળ શબ્દ 

(1) मानवता:

  • प्रत्यय: -ता

  • मूल शब्द: मानव

(2) बुढ़ापा:

  • प्रत्यय: -आपा

  • मूल शब्द: बूढ़ा

प्रश्न 4: નવા શબ્દની રચના

(1) उपसर्ग: 'अप-'

  • નવો શબ્દ: अपमान / अपराध / अपयश (કોઈપણ એક)

Saturday, 25 October 2025

અધ્યયન નિષ્પતી આધારીત કસોટી-ધોરણ-8-હિન્દી-પાઠ-8-हँसना मना है

ધોરણ 8 હિન્દી - દ્વિતીય સત્ર -પાઠ 8: हँसना मना है

પત્રક -A આધારીત અધ્યયન ક્ષમતા કસોટી

કુલ ગુણ: 10 સમય: 20 મિનિટ

અધ્યયન ક્ષમતા:

H802.02 चुटकुले पढ़कर समझते हैं। 

H814  चुटकुले को मौलिक भाषा में अभिव्यक्त करते हैं।

                                                                વિજયભાઈ આર ગોંડલીયા-સુરેન્દ્રનગર 


વિભાગ-A: H802.02 चुटकुले पढ़कर समझते हैं।  (4 ગુણ)

प्रश्न 1: निम्नलिखित चुटकुले को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर एक वाक्य में दीजिए। (प्रत्येक 2 ગુણ)

शिक्षक: राजू, तुम देर से क्यों आए हो? 
राजू: गुरुजी, एक आदमी अपनी जेब काट रहा था, मैं उसे देख रहा था। 
शिक्षक: तो तुमने उसे पकड़ा क्यों नहीं? 
राजू: जी, वह तो अपनी ही जेब काट रहा था, मेरी थोड़ी न!

(1) राजू ने देर से आने का क्या कारण बताया?

_____________________________________________________
(2) राजू ने जेब काटने वाले आदमी को क्यों नहीं पकड़ा?

_____________________________________________________

વિભાગ-B H814  चुटकुले को मौलिक भाषा में अभिव्यक्त करते हैं। (11 अंक)

नीचे दिए गए निर्देशों के अनुसार उत्तर लिखिए :

  1. अपने शब्दों में कोई एक मौलिक चुटकुला लिखिए। (4  अंक)

  2. अपने कक्षा के अनुभव से एक मज़ेदार घटना चुटकुले के रूप में लिखिए। (4 अंक)

  3. बताइए कि हँसना हमारे जीवन में क्यों आवश्यक है? (3 अंक)



ઉત્તરવહી (આપના સંદર્ભ માટે)

વિભાગ-A: 

(1) राजू ने देर से आने का क्या कारण बताया? 

ઉત્તર: राजुने देरी से आने का कारण बताते हुए कहा की रास्तेमे उसने एक आदमी को खुदकी ही जेब काटते हुए देखा था|  

(2) राजू ने जेब काटने वाले आदमी को क्यों नहीं पकड़ा?

ઉત્તર: राजुने जेब काटने वाले को नाही पकड़ा क्योंकी वो कीसी और की नहीं परंतु खुद की ही जेब काट रहा था |

વિભાગ-B:  मौलिक अभिव्यक्ति (10 अंक)

(1) मौलिक चुटकुला (उदाहरण):
माँ – बेटा, पढ़ाई कर ली?
बेटा – हाँ माँ, किताब को खूब घुमा दिया, अब वो भी चक्कर खा रही है! 😄

(छात्र कोई भी नया, मौलिक चुटकुला लिख सकता है — 4अंक)


(2) कक्षा की मज़ेदार घटना (उदाहरण):
एक बार शिक्षक ने पूछा – “जो कुछ नहीं जानता, वह खड़ा हो जाए।”
सिर्फ एक विद्यार्थी खड़ा हुआ।
शिक्षक ने पूछा – “तुम कुछ नहीं जानते?”
विद्यार्थी बोला – “नहीं सर, मैं तो बस आपको अकेला खड़ा देखकर खड़ा हो गया!” 😂

(रचनात्मकता, भाषा शुद्धता और मौलिकता के आधार पर 4 अंक)


(3) हँसना जीवन में क्यों आवश्यक है?
उत्तर :
हँसने से मन प्रसन्न रहता है, तनाव दूर होता है और स्वास्थ्य अच्छा रहता है।
हँसी से रिश्तों में मिठास आती है और हम जीवन की कठिनाइयों का सामना आसानी से कर पाते हैं।

(स्पष्ट व सुन्दर उत्तर – 3 अंक)

અધ્યયન નિષ્પતી આધારીત કસોટી-ધોરણ-8-હિન્દી-બીજું સત્ર-પાઠ-9-ઉલજન સુલજન

 

ધોરણ 8 હિન્દી - દ્વિતીય સત્ર - પાઠ 9: ઉલઝન-સુલઝન

પત્રક-A આધારીત અધ્યયન ક્ષમતા કસોટી

કુલ ગુણ: 10 સમય: 15 મિનિટ

અધ્યયન ક્ષમતા: 

H803.03 पहेलियाँ सुनकर एवं पढ़कर समझ सकते हैं।


વિભાગ-A: H803.03 पहेलियाँ सुनकर एवं पढ़कर समझ सकते हैं। (10 ગુણ)

प्रश्न 1: निम्नलिखित पहेलियों को ध्यान से पढ़कर/समझकर उनका सही उत्तर कोष्ठक में दिए गए शब्दों में से चुनकर लिखिए। (प्रत्येक 2 ગુણ)

(કોષ્ઠક: हाथी, तारा, पत्र/चिठ्ठी, दर्पण/आईना, मक्खी )

(1) दिन में आता हूँ, रात में जाता हूँ।
    रात में आता हूँ, दिन में जाता हूँ। 
   अंधेरे को दूर करता हूँ, 
   पर मेरी परछाई नहीं होती है।
    बताओ, मैं कौन हूँ?

उत्तर: __________________________

(2) चार पाँव पर चलता हूँ, 
    बिन बोले ही रास्ता दिखाता हूँ। 
    न मुझे कोई पकड़ सकता, 
    न मुझे कोई बाँध सकता, 
    फिर भी मैं दिखता हूँ। बताओ, 
   मैं क्या हूँ?

उत्तर: __________________________

(3) मुँह पर मेरे पंख हैं, 
     देह में मेरे आँखें हैं। 
     न हूँ मैं कोई पक्षी, 
    पर उड़ता रहता हूँ। 
    बताओ, मैं क्या हूँ?

उत्तर: __________________________

(4) गोल हूँ, पर गेंद नहीं हूँ। 
     शीशे का हूँ, 
    पर घर नहीं हूँ। 
    जो मुझे देखता है, 
    मैं भी उसे ही देखता हूँ। 
    बताओ, मैं क्या हूँ?

उत्तर: __________________________

(5) जंगल में रहता हूँ, 
     बड़ा बलवान हूँ। 
     सूँड और दाँत हैं मेरे, 
      पर मैं किसी को नहीं मारता। 
      बच्चों को लुभाता हूँ। 
      बताओ, मैं कौन हूँ?

उत्तर: __________________________




ઉત્તરવહી (આપના સંદર્ભ માટે)

વિભાગ-A: પહેલિયાં બૂઝો

(1) અહીં વધુ યોગ્ય જવાબ 'તારા' છે, જેનો એકમાત્ર અર્થ થાય છે કે તે રાત્રે દેખાય છે. 

  • उत्तर: तारा

(2)  उत्तर: दर्पण/आईना

(3) मुँह पर मेरे पंख हैं, देह में मेरे आँखें हैं। (મૂંહ પર પાંખ એટલે કે પાંખવાળા મુખ જેવું, દેહમાં આંખ એટલે નાની આંખો - આ મક્ખી માટે યોગ્ય છે.)

  • उत्तर: मक्खी

(4) गोल हूँ, पर गेंद नहीं हूँ। शीशे का हूँ, पर घर नहीं हूँ।

  • उत्तर: दर्पण/आईना

(5) जंगल में रहता हूँ, बड़ा बलवान हूँ। सूँड और दाँत हैं मेरे...

  • उत्तर: हाथी