Friday, 25 September 2026

ધોરણ 6 વિરોધી શબ્દ તેનો અર્થ અને વાક્ય પ્રયોગ

 H624.2 विरुधार्थी  शब्द का अर्थ देकर वाक्य मे प्रयोग करते है।

इकाई २ : एक जगत, एक लोक (पृष्ठ १०-११)

१. विश्व × देश

  • अर्थ : विश्व = संपूर्ण संसार; देश = एक राष्ट्र

  • वाक्य  : सारा विश्व प्रेम और शांति का संदेश चाहता है।

  • वाक्य : भारत हमारा प्यारा देश है।

२. धरा × गगन

  • अर्थ : धरा = धरती / पृथ्वी; गगन = आकाश / नभ

  • वाक्य : हरियाली से भरी धरा बहुत सुंदर लगती है।

  • वाक्य : रात में नीले गगन में चाँद चमकता है।

३. प्रकाश × अंधकार

  • अर्थ : प्रकाश = उजाला; अंधकार = अँधेरा

  • वाक्य : सूरज की किरणें चारों ओर प्रकाश फैलाती हैं।

  • वाक्य: दीपक जलते ही कमरे का अंधकार मिट गया।

४. शुभ × अशुभ

  • अर्थ : शुभ = मंगलकारी / अच्छा; अशुभ = अमंगलकारी / बुरा

  • वाक्य : नए घर में प्रवेश करना शुभ माना जाता है।

  • वाक्य: हमें किसी भी कार्य के लिए मन में अशुभ विचार नहीं लाने चाहिए।

५. चेतन × जड़

  • अर्थ : चेतन = सजीव / जिसमें चेतना हो; जड़ = निर्जीव / अचेतन

  • वाक्य : मनुष्य और पशु-पक्षी चेतन प्राणी हैं।

  • वाक्य : पत्थर एक जड़ वस्तु है।

६. जीवन × मृत्यु

  • अर्थ : जीवन = जिंदगी; मृत्यु = मौत

  • वाक्य : अच्छे कर्म करने से ही जीवन सफल बनता है।

  • वाक्य : संसार में जिसने जन्म लिया है, उसकी मृत्यु निश्चित है।

७. स्वामी × दास

  • अर्थ : स्वामी = मालिक; दास = सेवक / नौकर

  • वाक्य : कुत्ता अपने स्वामी के प्रति बहुत वफादार होता है।

  • वाक्य : सच्चा भक्त स्वयं को ईश्वर का दास मानता है।

इकाई ३ : समझदार नन्ही (पृष्ठ १८)

८. सूखा × गीला

  • अर्थ : सूखा = जिसमें नमी न हो; गीला = भीगा हुआ

  • वाक्य : कड़ी धूप में कपड़े जल्दी सूखकर सूखे हो जाते हैं।

  • वाक्य : बारिश में भीगने से मेरा बस्ता गीला हो गया।

९. धूप × छाँव

  • अर्थ : धूप = सूर्य का ताप / रोशनी; छाँव = छाया / शीतलता

  • वाक्य : दोपहर के समय बाहर बहुत तेज धूप थी।

  • वाक्य : थके हुए राहगीर ने बरगद के पेड़ की छाँव में आराम किया।

१०. भलाई × बुराई

  • अर्थ : भलाई = नेकी / अच्छा काम; बुराई = बदी / दोषपूर्ण काम

  • वाक्य : नन्ही ने बिच्छू के साथ हमेशा भलाई की।

  • वाक्य : हमें कभी किसी के साथ बुराई नहीं करनी चाहिए।

११. पाना × खोना

  • अर्थ : पाना = प्राप्त करना; खोना = गँवाना

  • वाक्य : मेहनत करने वाला व्यक्ति हर मंजिल को पा लेता है।

  • वाक्य : लापरवाही के कारण किसी बहुमूल्य वस्तु को खोना नहीं चाहिए।

१૨. प्रसन्न × अप्रसन्न

  • अर्थ : प्रसन्न = खुश; अप्रसन्न = नाराज / नाखुश

  • वाक्य : पुरस्कार पाकर छात्र बहुत प्रसन्न हुआ।

  • वाक्य: झूठ बोलने पर अध्यापक छात्र से अप्रसन्न हो गए।

इकाई ५ : धरती को महकाएँ (पृष्ठ ३३)

१३. अंधकार × प्रकाश

  • अर्थ : अंधकार = अँधेरा; प्रकाश = उजाला

  • वाक्य : सूरज ढलते ही चारों ओर अंधकार छा गया।

  • वाक्य: नन्हे दीपक ने अपने प्रकाश से पूरे कमरे को रोशन कर दिया।

पुनरावर्तन १ (पृष्ठ ३०)

१४. स्वच्छ × अस्वच्छ

  • अर्थ : स्वच्छ = साफ-सुथरा / निर्मल; अस्वच्छ = गंदा / मैला

  • वाक्य : हमें हमेशा स्वच्छ जल ही पीना चाहिए।

  • वाक्य : अस्वच्छ भोजन करने से अनेक बीमारियाँ फैलती हैं।

१५. दूर × पास

  • अर्थ : दूर = फासले पर; पास = निकट / समीप

  • वाक्य : विद्यालय मेरे घर से बहुत दूर स्थित है।

  • वाक्य : मेरे घर के पास ही एक सुंदर बगीचा है।

इकाई ८ : राजा का हिस्सा (पृष्ठ ५६)

१६. राजा × रंक (प्रजा)

  • अर्थ : राजा = नृप / शासक; रंक = निर्धन / दरिद्र

  • वाक्य: राजा भोज अपनी प्रजा की भलाई के लिए प्रसिद्ध थे।

  • वाक्य : समय का पहिया राजा को रंक और रंक को राजा बना सकता है।

१७. पास × दूर

  • अर्थ : पास = निकट; दूर = फासले पर

  • वाक्य : किसान राजा के पास जाकर हाथ जोड़कर खड़ा हो गया।

  • वाक्य : खेत गाँव से काफी दूर था।

१८. भला × बुरा

  • अर्थ : भला = नेक / सज्जन; बुरा = दुष्ट / खराब

  • वाक्य : भला व्यक्ति हमेशा दूसरों की सहायता करता है।

  • वाक्य: किसी का बुरा चाहने वाले का कभी कल्याण नहीं होता।

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