कहावतें और उनके अर्थ
1. अब पछताए होत क्या, जब चिड़ियाँ चुग गईं खेत।
अर्थ : समय निकल जाने पर पछताने से कोई लाभ या फायदा नहीं होता।
2. आम के आम और गुठलियों के दाम।
अर्थ : दोहरा लाभ होना (दोनों तरफ से फायदा होना)।
3. जैसी करनी वैसी भरनी।
अर्थ : कर्मों के अनुसार ही फल मिलना (जो जैसा करता है, उसे वैसा ही फल भोगना पड़ता है)।
4. साँच को आँच नहीं।
अर्थ : सच्चे व्यक्ति को किसी भी बात का कोई भय या डर नहीं होता।
5. काला अक्षर भैंस बराबर।
अर्थ : बिलकुल अनपढ़ होना।
6. जिसकी लाठी उसकी भैंस।
अर्थ : शक्तिशाली या बलवान व्यक्ति की ही सब जगह जीत होती है।
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