प्रश्न-7 निम्नलिखित शब्दों का वचन परिवर्तन करके वाक्य में प्रयोग कीजिए:
1) आंख- आँखें
वाक्य: चोट लगने के कारण उसकी आँखें लाल हो गईं।
2) लड्का - लड़के
वाक्य: मैदान में लड़के फुटबॉल खेल रहे हैं।
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प्रश्न-8 निम्नलिखित काव्य पंक्तियों का भावार्थ लिखिए:
1) "दूर अज्ञान के हो अंधेरे,
तू हमें ज्ञान की रोशनी दे"
"हर बुराई से बचते रहे हम,
जितनी भी दे भली जिंदगी दे;
बैर हो ना किसी का किसी से,
भावना मन में बदले की होना।"
भावार्थ: कवि ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि हे प्रभु! हमारे मन से अज्ञानता के अंधकार को दूर कर दो और हमें ज्ञान का प्रकाश प्रदान करो ताकि हम सही मार्ग पर चल सकें।
हम हमेशा बुराइयों से दूर रहें और हमें जितनी भी लंबी आयु मिले, वह अच्छाई से भरी हो। हमारा किसी से कोई वैर-विरोध न हो और हमारे मन में कभी किसी से बदला लेने की भावना पैदा न हो।
2) "सुविधाओं का शुरू सिलसिला,
विलासिता की खुशबू है,
बचत समय की और शक्ति की,
अब विकास का जादू है,
नये नये उपकरण बनाए-
नुतन अनुसंधान की
भावार्थ: विज्ञान के नए आविष्कारों से सुख-सुविधाओं की शुरुआत हुई है जिससे जीवन ऐशो-आराम से भर गया है। इससे समय और मेहनत की बचत हो रही है और चारों ओर विकास का चमत्कार दिखाई दे रहा है।
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प्रश्न-9 निम्नलिखित शब्दों का समानार्थी शब्द लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए:
विश्वास - भरोसा
वाक्य: हमें खुद पर भरोसा होना चाहिए।
जंगल - वन
वाक्य: वन में कई जंगली जानवर रहते हैं।
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प्रश्न-10 निम्नलिखित कहावतों का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए:
1) आये थे हरि भजन को ओटन लगे कपास
अर्थ: मुख्य काम को छोड़कर निरर्थक काम में लग जाना।
वाक्य: राम शहर तो पढ़ने गया था, पर वहां जाकर वह फिल्में देखने लगा, इसी को कहते हैं - आये थे हरि भजन को ओटन लगे कपास।
2) आसमान से गिरा खजूर में अटका
अर्थ: एक मुसीबत से निकलकर दूसरी मुसीबत में फँसना।
वाक्य: चोरी के इल्जाम से छूटा ही था कि उस पर मारपीट का केस हो गया, यह तो वही बात हुई - आसमान से गिरा खजूर में अटका।
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प्रश्न-11 निम्नलिखित विषय पर निबंध लिखिए:
1. वैज्ञानिक खोज - वरदान या अभिशाप
आज का युग विज्ञान का युग है । हमारे जीवन का कोई भी कोना विज्ञान से अछूता नहीं है। सुबह जागने से लेकर रात को सोने तक हम विज्ञान के आविष्कारों से घिरे रहते हैं।
विज्ञान ने मनुष्य के जीवन को बहुत सरल और सुखद बना दिया है। यातायात के साधनों जैसे बस, ट्रेन और हवाई जहाज ने दूरियों को खत्म कर दिया है । संचार के क्षेत्र में मोबाइल और इंटरनेट ने पूरी दुनिया को एक परिवार (ग्लोबल विलेज) बना दिया है । चिकित्सा के क्षेत्र में विज्ञान ने लाइलाज बीमारियों का इलाज खोजकर मनुष्य को लंबी आयु प्रदान की है। बिजली, पंखे, कंप्यूटर और अन्य घरेलू उपकरणों ने हमारी शक्ति और समय की बहुत बचत की है ।
विज्ञान जहाँ सुख देता है, वहीं इसके गलत उपयोग से यह शाप भी बन सकता है। परमाणु बमों और आधुनिक हथियारों के निर्माण से पूरी मानवता के विनाश का खतरा पैदा हो गया है। मशीनों के बढ़ते उपयोग से प्रदूषण बढ़ रहा है और लोगों में आलस्य बढ़ता जा रहा है। मोबाइल और इंटरनेट का अत्यधिक उपयोग युवाओं को गुमराह भी कर रहा है।
वास्तव में विज्ञान अपने आप में न तो वरदान है और न ही शाप। यह मनुष्य के उपयोग पर निर्भर करता है। यदि हम इसका उपयोग मानवता की भलाई के लिए करेंगे, तो यह वरदान साबित होगा, अन्यथा यह हमारे विनाश का कारण बन सकता है।
2. महात्मा गाँधी
महात्मा गाँधी भारत के एक महान नेता और युगपुरुष थे । उन्हें हम प्यार से 'बापू' और 'राष्ट्रपिता' भी कहते हैं। उनका पूरा नाम मोहनदास करमचंद गाँधी था।
गाँधी जी का जन्म 2 अक्टूबर, 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। उन्होंने अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद देश की आजादी की लड़ाई में सक्रिय भूमिका निभाई । उन्होंने हमेशा सत्य और अहिंसा का मार्ग अपनाया। उनके नेतृत्व में असहयोग आंदोलन, सत्याग्रह और भारत छोड़ो आंदोलन जैसे कई महत्वपूर्ण अभियान चलाए गए। उन्होंने समाज से छुआछूत और बुराइयों को दूर करने के लिए भी काम किया।
गाँधी जी का मानना था कि "सच्चा आभूषण सोने-चाँदी के गहने नहीं, बल्कि व्यक्ति का चरित्र और त्याग है" । वे सादा जीवन और उच्च विचार में विश्वास रखते थे। उन्होंने चरखा चलाकर स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने का संदेश दिया। वे सभी धर्मों का सम्मान करते थे और शांति के दूत थे।
गाँधी जी के विचारों ने न केवल भारत को आजादी दिलाई, बल्कि पूरी दुनिया को अहिंसा का पाठ पढ़ाया। 30 जनवरी, 1948 को उनकी मृत्यु हो गई, लेकिन उनके सिद्धांत आज भी हमें सही रास्ता दिखाते हैं। भारत हमेशा उनका ऋणी रहेगा।
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