Thursday, 2 April 2026

कहावतें (लोकोक्तियाँ), अर्थ और वाक्य प्रयोग

 


कहावतें (लोकोक्तियाँ), अर्थ और वाक्य प्रयोग

क्र.कहावतअर्थवाक्य प्रयोग
1अक्ल बड़ी या भैंसशारीरिक शक्ति से बुद्धि बड़ी होती है।दुबले-पतले चतुर ने पहलवान को हरा दिया, इसे कहते हैं अक्ल बड़ी या भैंस
2उल्टा चोर कोतवाल को डांटेअपराधी ही निर्दोष पर दोष लगाए।गलती तुम्हारी है और डांट मुझे रहे हो, यह तो वही हुआ - उल्टा चोर कोतवाल को डांटे
3ऊंची दुकान फीका पकवानकेवल बाहरी दिखावा होना।उस होटल का नाम बहुत सुना था, पर खाना बेकार है। सच है - ऊंची दुकान फीका पकवान
4एक पंथ दो काजएक प्रयत्न से दो लाभ होना।मैं परीक्षा देने दिल्ली गया और वहां घूम भी लिया, इसे कहते हैं एक पंथ दो काज
5जैसा देश वैसा भेषपरिस्थिति के अनुसार रहना।विदेश जाकर वहां के नियम मानना जरूरी है, क्योंकि जैसा देश वैसा भेष अपनाना पड़ता है।
6दूर के ढोल सुहावनेदूर से चीजें अच्छी लगना।शहर की चकाचौंध दूर से अच्छी है, पर वहां रहना कठिन है। सच है - दूर के ढोल सुहावने
7नाच न जाने आंगन टेढ़ाअपनी कमी छिपाने के लिए बहाना बनाना।तुम्हें हारमोनियम बजाना आता नहीं और कह रहे हो कि वह खराब है। इसे कहते हैं - नाच न जाने आंगन टेढ़ा
8अब पछताए होत क्या जब चिड़ियाँ चुग गई खेतसमय बीत जाने पर पछतावा करना बेकार है।साल भर पढ़े नहीं, अब फेल होने पर रो रहे हो। पर अब पछताए होत क्या जब चिड़ियाँ चुग गई खेत
9जैसी करनी वैसी भरनीकर्म के अनुसार फल मिलना।रामू ने दूसरों को बहुत सताया, अब खुद मुसीबत में है। सच है - जैसी करनी वैसी भरनी
10अंत भला तो सब भलापरिणाम अच्छा हो तो सब अच्छा माना जाता है।शुरुआत में बहुत मुश्किलें आईं, पर आखिर में हम मैच जीत गए। अंत भला तो सब भला
11हाथ कंगन को आरसी क्याप्रत्यक्ष को प्रमाण की आवश्यकता नहीं होती।मेरी चतुराई देखनी है तो मैच देखो, हाथ कंगन को आरसी क्या
12आम के आम गुठलियों के दामदुगुना लाभ होना।पुरानी किताबें बेचकर पैसे भी मिल गए और अलमारी भी खाली हो गई, यह तो आम के आम गुठलियों के दाम वाली बात हुई।
13काला अक्षर भैंस बराबरबिल्कुल अनपढ़ होना।दादाजी को पत्र मत दो, उनके लिए काला अक्षर भैंस बराबर है।
14खोदा पहाड़ निकली चुहियाबहुत मेहनत पर फल कम मिलना।दिन भर मेहनत करके उसने सिर्फ दस रुपये कमाए, यह तो वही बात हुई - खोदा पहाड़ निकली चुहिया
15घर का भेदी लंका ढाएआपसी फूट से सर्वनाश होता है।विभीषण ने राम को रावण का रहस्य बताया था, तभी कहा गया है - घर का भेदी लंका ढाए
16दूध का दूध पानी का पानीसच्चा न्याय करना।चतुर बीरबल ने फैसला सुनाकर दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया।
17मन चंगा तो कठौती में गंगामन पवित्र हो तो घर में ही तीर्थ है।अगर आप नेक इंसान हैं तो कहीं जाने की जरूरत नहीं, क्योंकि मन चंगा तो कठौती में गंगा
18साँच को आँच नहींसच्चे व्यक्ति को डरने की जरूरत नहीं।मैंने चोरी नहीं की है, इसलिए मैं गवाही देने से नहीं डरता क्योंकि साँच को आँच नहीं
19नेकी कर दरिया में डालभलाई करके भूल जाना चाहिए।किसी की मदद करने के बाद गुणगान नहीं करना चाहिए, बल्कि नेकी कर दरिया में डाल देना चाहिए।
20अधजल गगरी छलकत जाएकम ज्ञान वाला व्यक्ति अधिक दिखावा करता है।वह थोड़ा सा पढ़कर खुद को विद्वान समझता है, सच है - अधजल गगरी छलकत जाए

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