हिंदी पहेलियाँ (बुझो तो जानें)
( H 819 पहेलिया और चुटकुलोका निर्माण करते है ।)
पहेलियों का महत्व:
तर्कशक्ति: पहेलियों से सोचने और समझने की शक्ति बढ़ती है।
शब्द ज्ञान: नए शब्दों का परिचय होता है।
मनोरंजन: यह पढ़ाई को रोचक और मजेदार बनाती हैं।
| क्र. | पहेली | उत्तर |
| 1 | फल देकर जो सफल हुए हैं, हरदम रहते हरे-भरे, धरती के हैं हम श्रृंगार, क्या तुम हमको जानते? | पेड़ (वृक्ष) |
| 2 | सोने की वह चीज है, पर बिके न सुनार के पास, मोल-तोल उसका नहीं,बहुत भारी उसका नाम। | चारपाई (खाट) |
| 3 | पंख नहीं हैं फिर भी उड़ती, हाथ नहीं हैं फिर भी लड़ती। | पतंग |
| 4 | तीन अक्षर का मेरा नाम, पानी देना मेरा काम, प्रथम कटे तो दल बन जाऊँ, बीच कटे तो बाल बन जाऊँ। | बादल |
| 5 | मध्य कटे तो बाण बन जाऊँ, अंत कटे तो बाक बन जाऊँ। | बालक |
| 6 | काला घोड़ा, सफेद सवारी, एक उतरा तो दूसरे की बारी। | तवा और रोटी |
| 7 | दो सखियाँ, दोनों चंचल, फिर भी रहतीं साथ-साथ, सो जाएँ तो सपने देखें, जागें तो करें बात। | आँखें |
| 8 | एक पहेली मैं बुझाऊँ, सिर काटूँ तो नमक लगाऊँ। | खीरा (ककड़ी) |
| 9 | थल में पकड़े, जल में पकड़े, हवा में भी वह पकड़े, पाँचों उंगली उसके साथ, बताओ क्या है उसका नाम? | हाथ |
| 10 | आदि कटे तो दशरथ सुत, मध्य कटे तो आम, अंत कटे तो राम है, बताओ मेरा नाम। | आराम |
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