H603.2 परिचित कविता सुनकर एवम पढ़कर समजते है ।
प्रश्न: नीचे दी गई कविता की पंक्तियों को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर
लिखिए:
काव्य पंक्तियाँ :
"इतनी शक्ति हमें देना दाता,
मन का विश्वास कमजोर होना।
हम चलें नेक रस्ते पे हमसे,
भूलकर भी कोई भूल होना॥
दूर अज्ञाना के हो अँधेरे,
तू हमें ज्ञान की रोशनी दे।"
प्रश्न :
कवि दाता (ईश्वर) से किस बात की शक्ति माँग रहे हैं?
हमें किस रास्ते पर चलना चाहिए?
'भूलकर भी कोई भूल होना' पंक्ति से कवि का क्या तात्पर्य है?
अज्ञान के अँधेरे को दूर करने के लिए किसकी आवश्यकता है?
'नेक' शब्द का अर्थ लिखिए।
उत्तर :
कवि ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि हमारे मन का विश्वास कभी कमजोर न पड़े, ऐसी शक्ति हमें प्रदान करें।
हमें हमेशा नेक (सत्य और भलाई) के रास्ते पर चलना चाहिए।
इसका तात्पर्य है कि अनजाने में भी हमसे कोई बुरा काम या गलती न हो।
अज्ञान के अँधेरे को दूर करने के लिए ज्ञान की रोशनी (प्रकाश) की आवश्यकता है।
'नेक' शब्द का अर्थ 'अच्छा / ईमानदार' होता है।
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काव्य पंक्तियाँ :
"एक जगत, एक लोक, सब का है एक मान।
एक चंद्र, एक सूर्य, एक भूमि, आसमान॥
एक तेज, एक हवा, एक ही पानी,
जीवन है सुख-दुख की एक कहानी।"
प्रश्न :
संपूर्ण जगत और लोक के लिए क्या समान बताया गया है?
प्रकृति के कौन-कौन से तत्व सभी के लिए एक समान हैं?
मानव जीवन को किसकी कहानी कहा गया है?
इस पद्यांश से हमें क्या सीख मिलती है?
पद्यांश में से 'धरती' और 'प्रकाश' के समानार्थी शब्द चुनकर लिखिए।
उत्तर :
संपूर्ण संसार के सभी लोगों का सम्मान (मान) और अधिकार एक समान है।
चाँद, सूरज, भूमि, आसमान, हवा और पानी प्रकृति के ये सभी तत्व सबके लिए एक समान हैं।
मानव जीवन को सुख और दुख की एक साझी कहानी कहा गया है।
इससे हमें यह सीख मिलती है कि हमें बिना किसी भेदभाव के आपस में मिल-जुलकर रहना चाहिए।
'धरती' का समानार्थी भूमि और 'प्रकाश' का समानार्थी तेज है।
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काव्य पंक्तियाँ :
"हर्ष भरे गाएँ हम राग सुहाने,
समता और ममता के गीत तराने।
घर-घर में गूँज रहा, निस-दिन यह मधुर गान,
एक जगत, एक लोक, सब का है एक मान।"
प्रश्न :
हमें किस भाव से भरे हुए राग गाने चाहिए?
कवि किन दो उदात्त भावनाओं के गीत गाने की बात करते हैं?
घर-घर में रात-दिन कौन-सा मधुर गान गूँज रहा है?
'निस-दिन' शब्द का क्या अर्थ होता है?
पद्यांश में प्रयुक्त तुक वाले (समान तुकान्त) शब्द लिखिए।
उत्तर :
हमें आनंद और प्रसन्नता (हर्ष) से भरे हुए राग गाने चाहिए।
कवि समता (समानता) और ममता (आपसी प्रेम) के गीत गाने की बात करते हैं।
घर-घर में यह गान गूँज रहा है कि यह सारा संसार एक है और सभी का समान आदर है।
'निस-दिन' शब्द का अर्थ 'रात-दिन' (हमेशा) होता है।
समान तुकान्त शब्द : सुहाने - तराने तथा गान - मान।
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काव्य पंक्तियाँ :
"बगिया के उपवन को देखो, कैसे खुश-खुश रहते हैं।
आँधी हो या पानी हो, सब कुछ हँस-हँस सहते हैं॥
सूरज की किरणों को देखो, रोज़ धरा पर आती हैं।
अंधकार को दूर भगाकर, सारा जग चमकाती हैं।"
प्रश्न :
बगिया के फूलों की क्या विशेषता बताई गई है?
फूल आँधी और पानी का सामना किस प्रकार करते हैं?
सूरज की किरणें प्रतिदिन कहाँ आती हैं?
सूरज की किरणें संसार के लिए क्या उपकार करती हैं?
'उपवन' और 'धरा' शब्दों के अर्थ लिखिए।
उत्तर :
बगिया के फूल हर परिस्थिति में हमेशा प्रसन्न और हँसते-मुस्कराते रहते हैं।
फूल आँधी और तेज बारिश की कठिनाइयों को हँसते-हँસતે सहन करते हैं।
सूरज की किरणें प्रतिदिन धरती (धरा) पर आती हैं।
वे अंधकार को दूर भगाकर पूरे संसार को अपने उजाले से चमकाती हैं।
'उपवन' का अर्थ बगीचा और 'धरा' का अर्थ पृथ्वी / धरती होता है।
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काव्य पंक्तियाँ :
"दीपक को देखो कैसे यह, हरदम जलता रहता है।
अपना अंतर जला-जलाकर, रोशन जग को करता है॥
आओ हम भी इंसा बनकर, जग में अपना नाम कमाएँ।
अच्छे सच्चे काम करें और, सारी धरती को महकाएँ।"
प्रश्न :
दीपक की क्या विशेषता होती है?
दीपक संसार को किस तरह प्रकाशित करता है?
कवि हमें सच्चा इंसान बनकर क्या करने की प्रेरणा देते हैं?
हम धरती को किस प्रकार महका सकते हैं?
'अंतर' और 'इंसा' शब्दों के अर्थ बताइए।
उत्तर :
दीपक स्वयं जलता रहता है लेकिन दूसरों को निरंतर प्रकाश देता है।
दीपक अपना हृदय (अंतर) जलाकर पूरे संसार को रोशन करता है।
कवि हमें नेक इंसान बनकर अच्छे कार्यों द्वारा संसार में यश और नाम कमाने की प्रेरणा देते हैं।
हम अच्छे और सच्चे परोपकारी काम करके इस सारी धरती को महका सकते हैं।
'अंतर' का अर्थ हृदय / मन और 'इंसा' का अर्थ इंसान / मनुष्य होता है।
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